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भागवत वह औषधालय, जिसकी शरण में जाने से दूर हो जाएंगे सारे कष्ट: देवकीनंदन ठाकुर

19 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भागवत वह औषधालय, जिसकी शरण में जाने से दूर हो जाएंगे सारे कष्ट: देवकीनंदन ठाकुर
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल।  'भागवत वह औषधालय है, जिसकी शरण में जाने से सारे कष्ट दूर हो जाएंगे। प्रतिदिन भागवत कथा सुनेंगे तो यह आपको पाप नहीं करने देगा। भगवान खुद भी नियमित रूप से ब्राह्मणों से वेद और पुराणों की कथा परिवार सहित सुनते हैं। इसलिए अपने बच्चों को कथा जरूर सुनाएं, उनका मनोबल बढ़ेगा।' 


ये उदगार प्रख्यात कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने शुक्रवार को बावड़िया कला के रुद्राक्ष किंगस्टन परिसर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के विश्राम दिवस पर व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि कन्हैया से रिश्ता बनाओगे तो वह आपका बेड़ा पार कर देंगे। संसारी लोग फंसा देंगे। यह तभी तक प्यार करते हैं, जब तक आप उनकी ज़रूरतें पूरी करते हैं। शालिग्राम डेवलपर्स रुद्राक्ष किंग्सटन के सहयोग से आयोजित कथा के विश्राम दिवस पर महाराज जी ने द्वारिका लीला, सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष का हृदयस्पर्शी प्रसंग सुनाया।


महाराज जी विभिन्न प्रसंग में कई मनोहारी भजन सुनाए। ' जगत सब छोड़ दिया, सांवरे तेरे पीछे...'  इन पर श्रोताओं ने भावविभोर होकर नृत्य किया। कथा आयोजक और यजमान शालिग्राम डेवलपर्स के सीएमडी देवेंद्र चौकसे, संगीता चौकसे, वीरेंद्र चौकसे, अनीता चौकसे, प्रेम नारायण चौकसे और पूरा परिवार भागवत जी की आरती और हवन-पूजन में शामिल हुआ।


सांसद आलोक शर्मा ने पंडाल के लिए 50 लाख रुपए की घोषणा की

भोपाल के सांसद आलोक शर्मा ने कथा विश्राम के बाद व्यास जी की आरती की। इस मौके पर उन्होंने कथाओं के आयोजन के लिए नियमित पंडाल स्थापित किए जाने की बात कही। इसके लिए उन्होंने 50 लाख रुपए की राशि दिए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि देवकीनंदन ठाकुर महाराज सनातन को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। आयोजक देवेंद्र चौकसे से आग्रह किया कि अगले साल भी महाराज जी की कथा इसी प्रांगण में कराई जाए। कथा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने के लिए पहुंचे।


समाज के 'गिरगिटों' से बचकर रहो

महाराज जी ने युवतियों को संदेश दिया कि वह समाज के गिरगिटों से बचकर रहें। बाहरी, दिखावटी व आडंबरी लोगों पर कभी भी विश्वास ना करें। बाहर निकले तो मन में यह बात सदा होनी चाहिए कि अपने पिता का विश्वास नहीं तोड़ना है। अपने जमीन को जिंदा रखो मरने मत दो। बनाना हो तो भाई बनाओ। जो विधर्मी चाहते हैं, वह मत बनाओ। कोई दबाव बनाता है तो उसका मर्डर करने से भी कानून आपके साथ खड़ा रहेगा। 


मित्र बनाना है तो अपने माता-पिता को बनाओ

देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने सुदामा चरित्र के प्रसंग में युवाओं से कि मित्र बनना है तो अपने माता-पिता को बनाओ। इनसे अच्छा आपका कोई मित्र नहीं हो सकता। युवा पीढ़ी इस बात को समझ नहीं पा रही है। वह अपनों को गैर और गैरों को अपना समझती है। 80 से 90 फ़ीसदी लोग बाहरी मित्रों की वजह से ही संकट में पड़ रहे हैं। 


जो 'मनमुखी' वह दुखी, जो 'शास्त्रमुखी' वही सुखी

महाराज जी ने कहा मन के मुताबिक चलने वाला असुर है। स्वास्थ्य के अनुसार चलते हैं वही श्रेष्ठ मानव हैं। आज 80% लोग मनमुखी और 20% ही शास्त्र मुखी हैं। जो मनमुखी है वह दुखी हैं, जो शास्त्रमुखी वही सुखी हैं। शास्त्र हमें गलत रास्ते पर जाने से रोकते हैं। हमारा मन ही विनाश का कारण बनता है। इसलिए मन नहीं शास्त्र के मुताबिक जीवन जियें। 


जहां समर्पण, वहीं बरसती है ठाकुर जी की कृपा 

महाराज जी ने कहा जहां समर्पण होता है, वहीं ठाकुर जी का पूर्ण कृपा बरसती है। जिनके जन्मों के पूरे एकत्रित हो जाए, उसे ही कथा श्रवण का सौभाग्य मिलता है। महाराज जी ने भजन सुनाया ' हे प्रभु मुझे बताओ, चरणों में कैसे आऊं...', 'बिन सत्संग विवेक न होई...।' महाराज जी ने संदेश दिया कि संत, भक्त व ब्राह्मण का गलती से अपमान मत करना। जो तीनों के विपरीत गया, उसका विनाश हो गया।


अपने ही सुख के पीछे भागने वाला सुखी नहीं

महाराज जी ने कहा अपने ही सुख के पीछे भागने वाला कभी सुखी नहीं होता। वहीं, जो दूसरों के दु:खों को दूर करने का प्रयास करता है, उसके सारे दु:ख ठाकुर जी दूर कर देते हैं। उन्होंने कहा कि व्यास जी ने 18 पुराणों का सार बताया है कि दूसरों को दुख देना सबसे बड़ा पाप है और दूसरों को सुख देना सबसे बड़ा पुण्य है। महाराज जी ने सुनाया 'दूसरों का दुखड़ा दूर करने वाले, तेरे दु:ख दूर करेंगे राम...।


इंस्टाग्राम पर फॉलोवर बढ़ाने से अच्छा वैल्यूज बढ़ाओ 

महाराज जी ने युवाओं को कथा के दौरान सीख दी कि इंस्टाग्राम पर फॉलोवर बढ़ने से अच्छा है कि वैल्यूज बढ़ाओ। वैल्यूज बढ़ेंगे तो इंस्टाग्राम पर फॉलोअर भी बढ़ेंगे और भगवान के यहां आपके नंबर भी। 


कथा विश्राम के बाद व्यक्त किया आभार 

आयोजक देवेंद्र चौकसे ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने श्री देवकीनंदन ठाकुर महाराज का विशेष आभार व्यक्त किया। जिसकी कृपा से सभी श्रोताओं को प्रेम, ज्ञान व भक्ति की गंगा में डुबकी लगाने का सौभाग्य मिला।


भंडारे में हजारों लोगों ने ग्रहण किया प्रसाद 

कथा विश्राम के बाद परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया। इसमें हजारों की संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। देर शाम तक भंडारा चला।

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