
मध्यप्रदेश के किसानों के लिए इस वक्त राहत की खबर है। सरकार की भावांतर योजना का असर अब साफ दिखने लगा है। मंडियों में सोयाबीन के बढ़ते दामों का फायदा सीधे किसानों की जेब में जा रहा है। नवंबर से जनवरी के बीच सोयाबीन के मॉडल रेट में लगातार बढ़ोतरी हुई है और अब तक इसमें 438 रुपये प्रति क्विंटल का उछाल दर्ज किया जा चुका है। सरकार की इस योजना के तहत किसानों को मंडी में मिले रेट और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के बीच का अंतर सरकार देती है, जिससे किसानों को हर हाल में उचित दाम मिल सके।
क्या है भावांतर योजना और कैसे तय होता है पैसा?
भावांतर योजना में सरकार रोजाना सोयाबीन का एक मॉडल रेट तय करती है। यह रेट उन सभी किसानों पर लागू होता है, जिन्होंने अपनी उपज मंडी में बेची है।
इसके बाद सरकार:
सोयाबीन का MSP: 5328 रुपये प्रति क्विंटल
मंडी में मिला मॉडल रेट: जो भी दिन का तय हो
MSP और मॉडल रेट के अंतर की राशि = भावांतर भुगतान
यह रकम सीधे किसानों के आधार से जुड़े बैंक खातों में भेजी जाती है।
नवंबर से जनवरी तक 438 रुपये का उछाल
सरकार ने पहला मॉडल रेट 7 नवंबर 2025 को 4020 रुपये प्रति क्विंटल तय किया था। इसके बाद लगातार दाम बढ़ते गए और 5 जनवरी 2026 को मॉडल रेट बढ़कर 4458 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया। इस तरह तीन महीने से भी कम समय में सोयाबीन के मॉडल रेट में कुल 438 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
तीन महीने में ऐसे बढ़े दाम
भावांतर योजना के तहत जारी मॉडल रेट में धीरे-धीरे तेजी आई—
30 नवंबर – 4237 रुपये
29 दिसंबर – 4267 रुपये
30 दिसंबर – 4296 रुपये
31 दिसंबर – 4345 रुपये
2 जनवरी – 4432 रुपये
3 जनवरी – 4439 रुपये
4 जनवरी – 4459 रुपये
इन आंकड़ों से साफ है कि साल के आखिर और नए साल की शुरुआत में सोयाबीन के दामों में तेज उछाल आया है।
MSP 5328 रुपये की गारंटी, पैसा सीधे खाते में
राज्य सरकार ने साफ किया है कि भावांतर योजना के तहत किसानों को हर हाल में 5328 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिलना तय है। अगर मंडी का मॉडल रेट इससे कम रहेगा तो अंतर की राशि सरकार देगी। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि भुगतान पूरी तरह डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए होता है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हो जाती है।
6.54 लाख किसानों को मिल चुके हैं 1292 करोड़ रुपये
भावांतर योजना के तहत अब तक सरकार किसानों को बड़ी रकम दे चुकी है—
पहला चरण (24 अक्टूबर – 6 नवंबर 2025)
1.33 लाख किसानों को 233 करोड़ रुपये – भुगतान 13 नवंबर को
दूसरा चरण (7 नवंबर – 17 नवंबर 2025)
1.34 लाख किसानों को 249 करोड़ रुपये – भुगतान 26 नवंबर को
तीसरा चरण (17 नवंबर – 19 दिसंबर 2025)
3.77 लाख किसानों को 810 करोड़ रुपये – भुगतान 28 दिसंबर को
इस तरह अब तक कुल 6.54 लाख किसानों को 1292 करोड़ रुपये की राशि दी जा चुकी है।
किसानों में बढ़ा भरोसा
भावांतर योजना और सोयाबीन के बढ़ते मॉडल रेट से किसानों में सरकार के प्रति भरोसा मजबूत हुआ है। किसानों का कहना है कि अब उन्हें मंडी में कम दाम मिलने का डर नहीं रहता, क्योंकि सरकार उनके नुकसान की भरपाई कर रही है।
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