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कुपोषण के खिलाफ MP में डिजिटल पहल: ‘भावनी’ पोर्टल से बच्चे की जरूरत से लेकर पोषण सुधार तक होगी निगरानी

29 सित, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
कुपोषण के खिलाफ MP में डिजिटल पहल: ‘भावनी’ पोर्टल से बच्चे की जरूरत से लेकर पोषण सुधार तक होगी निगरानी
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्यप्रदेश में कुपोषित और पोषण संबंधी जरूरत वाले बच्चों तक सामाजिक सहयोग पहुंचाने के लिए ‘भावनी’ डिजिटल पोर्टल को माध्यम बनाया गया है। इसमें सत्यापित आंकड़ों के आधार पर बच्चों की जरूरत चिन्हित कर मार्गदर्शकों, संस्थाओं और दानदाताओं को उनसे जोड़ा जाता है।


इस व्यवस्था में बच्चे की पहचान सार्वजनिक नहीं की जाती। सहायता मिलने के बाद भी उसकी पोषण स्थिति की नियमित जानकारी दर्ज होती रहती है, जिससे सहयोग और उसके परिणाम का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा सके।


सत्यापित आंकड़ों से होगी जरूरतमंद बच्चों की पहचान

‘भावनी’ पर महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रणालियों से प्राप्त सत्यापित बाल आंकड़ों का इस्तेमाल किया जाता है। बच्चों की निजी पहचान को सार्वजनिक किए बिना उनकी जानकारी अनाम रूप में उपलब्ध कराई जाती है।


इससे सहायता देने वालों को जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचने में सुविधा मिलती है और बच्चों की गोपनीयता भी बनाए रखने की व्यवस्था है।


जरूरत देखकर तय होगी मदद

मार्गदर्शक समग्र पहचान क्रमांक के साथ या उसके बिना पोर्टल पर पंजीयन कर सकते हैं। पंजीयन के बाद उन्हें अपने क्षेत्र में उपलब्ध बच्चों की सूची देखने और उनकी पोषण स्थिति के अनुसार बच्चे का चयन करने की सुविधा मिलती है।


सहायता का प्रकार, उसकी आवृत्ति और अन्य संबंधित जानकारी दर्ज करने के बाद बच्चे के लिए विशिष्ट सहायता पहचान क्रमांक तैयार किया जाता है।


मदद देने के बाद भी जारी रहेगी निगरानी

पोर्टल पर सहायता पहुंचाने के बाद प्रक्रिया खत्म नहीं होती। ‘मेरे बच्चों की सूची’ के जरिए मार्गदर्शक बच्चे को दी जा रही मदद और उसकी पोषण संबंधी प्रगति पर नजर रख सकते हैं।


बच्चे की स्थिति को तय साप्ताहिक या मासिक अंतराल पर अपडेट किया जाता है। रिकॉर्ड में सहायता की तारीख, सहायता का स्वरूप, पोषण स्थिति, अवलोकन और उपलब्ध प्रमाण दर्ज किए जाते हैं।


सरकार और समाज को जोड़ने की व्यवस्था

‘भावनी’ के जरिए प्रशासनिक स्तर पर पंजीकृत मार्गदर्शकों, सहयोगी संस्थाओं और उनसे जुड़े बच्चों की जानकारी देखी जा सकती है। इससे विभाग को बच्चों को मिल रहे सहयोग और उनकी पोषण स्थिति में हुए बदलाव की जानकारी मिलती है।


मार्गदर्शक, सामाजिक संस्थाएं और दानदाता अपनी क्षमता के अनुसार बच्चों की जरूरत के मुताबिक सहयोग उपलब्ध करा सकते हैं।


वर्ष 2022 में हुआ था पोर्टल का निर्माण

‘भावनी’ पोर्टल का निर्माण वर्ष 2022 में सूचना प्रौद्योगिकी प्रकोष्ठ, मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, भोपाल द्वारा किया गया था।


इसे बच्चों की पहचान, सहायता से जोड़ने और मदद के बाद उनकी प्रगति पर नजर रखने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया।


तकनीक के साथ सामाजिक सहभागिता

पोर्टल की व्यवस्था में सरकारी योजनाओं और सेवाओं के साथ समाज की भागीदारी को जोड़ा गया है। विभाग कुपोषण के खिलाफ अपनी योजनाओं के जरिए काम करता है, जबकि सक्षम व्यक्ति और संस्थाएं जरूरतमंद बच्चों को अतिरिक्त सहयोग दे सकते हैं।


इस तरह ‘भावनी’ पोर्टल सहायता की पहचान, सहयोग उपलब्ध कराने और पोषण स्थिति में बदलाव दर्ज करने के लिए एक डिजिटल माध्यम के रूप में काम करता है।

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