
धार। नौ साल बाद 23 जनवरी को वसंत पंचमी शुक्रवार के दिन पड़ रही है और इसी के साथ धार की ऐतिहासिक भोजशाला एक बार फिर सुर्खियों में है। एक तरफ वाग्देवी की अखंड पूजा का संकल्प है, तो दूसरी ओर जुमे की नमाज को लेकर मुस्लिम समाज का सांकेतिक प्रदर्शन। दोनों पक्षों की दलीलों के बीच अब आख़िरी फैसला सुप्रीम कोर्ट के हाथ में है।
सुप्रीम कोर्ट में दोनों पक्ष आमने-सामने
हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर 2003 के ASI आदेश का हवाला दिया है, जिसमें वसंत पंचमी पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा की अनुमति का उल्लेख है।
दूसरी ओर, मुस्लिम समाज की ओर से बाबा कमाल मौलाना वेलफेयर सोसायटी ने भी शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है। शहर काजी वकार सादिक ने कहा कि वे ऐतिहासिक तथ्यों और ASI के निर्देशों को कोर्ट के सामने रखेंगे।
धार में हाई अलर्ट, PHQ ने उतारी हजारों जवानों की फौज
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने पूरे धार जिले में भारी सुरक्षा तैनात की है।
इंदौर ग्रामीण आईजी अनुराग को प्रभारी बनाया गया है।
उनके साथ डीआईजी तरुण नायक, अमित सांघी और 13 एसपी रैंक के अधिकारी तैनात हैं।
ड्रोन से निगरानी, AI से भीड़ नियंत्रण
8 कंपनियां CAPF (करीब 1000 जवान)
6000 अतिरिक्त एमपी पुलिस बल
20 ड्रोन से सर्चिंग
1000 कैमरों से PHQ स्तर की लाइव मॉनिटरिंग
AI आधारित क्राउड मैनेजमेंट और 3D मैपिंग
300 मीटर में नो-फ्लाई जोन
भोजशाला परिसर के चारों ओर 300 मीटर के दायरे को नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया है। ड्रोन, पैराग्लाइडिंग, हॉट एयर बैलून जैसी किसी भी उड़ान पर पूरी तरह रोक रहेगी।
प्रशासन की तैयारी पूरी
कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। हमने अंदर और बाहर बैरिकेडिंग, टेंट और सुरक्षा की पूरी व्यवस्था कर ली है।”
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