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भोजशाला में हवन-पूजन आज, नमाज को लेकर मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट से लगाई गुहार

22 मई, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोजशाला में हवन-पूजन आज, नमाज को लेकर मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट से लगाई गुहार
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

धार। मध्यप्रदेश की धार स्थित भोजशाला एक बार फिर देशभर में चर्चा का केंद्र बन गई है। हाईकोर्ट की इंदौर बेंच द्वारा भोजशाला को मंदिर घोषित किए जाने के बाद आज पहला शुक्रवार है। इसी के चलते हिंदू समाज यहां दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक हवन-पूजन और महाआरती की तैयारी कर रहा है। दूसरी तरफ मुस्लिम पक्ष इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है, जिससे मामले ने नया कानूनी मोड़ ले लिया है।


भोजशाला में महाआरती की तैयारियां तेज

भोज उत्सव समिति के संरक्षक अशोक जैन के मुताबिक शुक्रवार को भोजशाला परिसर में विशेष धार्मिक आयोजन किया जाएगा। यहां हवन, पूजन और महाआरती की तैयारी की गई है। उन्होंने बताया कि पहले शोभायात्रा निकालने की भी योजना थी, लेकिन कुछ कारणों के चलते उसे रद्द कर दिया गया। इसके बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।


मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका

हाईकोर्ट के फैसले से असहमत मुस्लिम पक्ष ने गुरुवार रात सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। काजी मोइनुद्दीन ने फैसले को एकतरफा बताते हुए विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की है। मुस्लिम पक्ष का कहना है कि मामले में उनकी परंपराओं और अधिकारों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। अब सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिक गई हैं।


‘700 साल से पढ़ी जा रही है नमाज’

सदर अब्दुल समद ने कहा कि कमाल मौला मस्जिद में करीब 700 वर्षों से जुमे की नमाज अदा की जा रही है। उनके मुताबिक इस परंपरा को प्रभावित किए जाने से मुस्लिम समाज में दुख और चिंता है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि पूरा संघर्ष संवैधानिक और कानूनी दायरे में ही लड़ा जाएगा। समाज ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की है।


सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने का इंतजार

शहर काजी वकार सादिक ने कहा कि मुस्लिम समाज न्यायपालिका का सम्मान करता है और सुप्रीम कोर्ट से न्याय की उम्मीद रखता है। उन्होंने कहा कि राहत और स्टे मिलने के बाद पहले की तरह नमाज अदा की जाएगी। उन्होंने लोगों से प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करने और शहर में भाईचारा बनाए रखने की अपील की। उनके मुताबिक अमन और सौहार्द बनाए रखना सभी समुदायों की जिम्मेदारी है।


प्रशासन की नजर पूरे घटनाक्रम पर

भोजशाला को लेकर दोनों पक्षों की गतिविधियों के बीच प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। धार्मिक आयोजन और संवेदनशील माहौल को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जा सकती है।

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