
भोपाल। मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला को लेकर हाईकोर्ट के फैसले के बाद शनिवार सुबह का माहौल पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। अदालत द्वारा भोजशाला को मंदिर मानने के बाद यहां श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई और पूजा-अर्चना भी की गई। पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरा इलाका शांत रहा। हालांकि अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने की तैयारी में है।
भोजशाला में पहुंचे श्रद्धालु, मां वाग्देवी की पूजा
हाईकोर्ट के फैसले के अगले दिन भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा, भोज उत्सव समिति के संरक्षक विश्वास पांडे सहित कई लोग भोजशाला पहुंचे। श्रद्धालुओं ने मां वाग्देवी के स्थान पर पुष्प अर्पित कर पूजा की और दंडवत प्रणाम किया। इसके बाद यज्ञ कुंड के पास जाकर भी श्रद्धा व्यक्त की गई।
“भोजशाला मंदिर था और रहेगा”
भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा ने कहा कि यह अभी पूरी जीत नहीं है, लेकिन भोजशाला का हर कण इस बात की गवाही देता है कि यह मंदिर है। उन्होंने कहा कि अगर मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट जाना चाहता है तो जाए, लेकिन भोजशाला मंदिर था, मंदिर है और मंदिर ही रहेगा।
हाईकोर्ट ने क्या कहा था?
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भोजशाला विवाद पर बड़ा फैसला सुनाया था। अदालत ने कहा कि भोजशाला संस्कृत शिक्षा का केंद्र रही है और इसे मंदिर माना जाएगा। फैसले के बाद यह स्पष्ट हो गया कि परिसर में अब पूजा-अर्चना ही होगी। इस आदेश को हिंदू पक्ष ने ऐतिहासिक जीत बताया है।
अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचेगा मामला
इंदौर हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद मुस्लिम पक्ष ने भी कानूनी तैयारी शुरू कर दी है। मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी ने सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) दायर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे साफ है कि विवाद अब देश की सबसे बड़ी अदालत तक पहुंचेगा।
हिंदू पक्ष ने दाखिल की कैविएट
दूसरी तरफ हिंदू पक्ष भी सतर्क हो गया है। हिंदू पक्ष की ओर से जितेंद्र सिंह ‘विशेन’ ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल कर दी है।
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