
भोपाल। राजधानी भोपाल में आवासीय भवनों के व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर नगर निगम ने कार्रवाई का अगला चरण तय कर दिया है। 5,778 निर्माणों को नोटिस दिए जा चुके हैं और सोमवार से 24 घंटे के अल्टीमेटम के बाद सीलिंग शुरू करने की तैयारी है।
यह मामला नगर निगम के 21 जोन और छह विधानसभा क्षेत्रों तक फैला है। रहवासी अनुमति के बावजूद कारोबार या स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण करने वाले भवन कार्रवाई के दायरे में हैं।
रविवार को 921 नए नोटिस
नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक रविवार को छह विधानसभा क्षेत्रों में कुल 921 नोटिस जारी किए गए।
- नरेला: 252
- हुजूर: 105
- गोविंदपुरा: 308
- मध्य: 165
- उत्तर: 41
- दक्षिण: 50
अब तक जारी नोटिसों की संख्या बढ़कर 5,778 हो गई है।
किस विधानसभा में कितने नोटिस
अब तक के कुल आंकड़ों में गोविंदपुरा और नरेला विधानसभा क्षेत्र में नोटिसों की संख्या सबसे अधिक है।
- नरेला: 1,470
- हुजूर: 1,032
- गोविंदपुरा: 1,250
- मध्य: 1,093
- उत्तर: 371
- दक्षिण: 652
- कुल: 5,778
आवासीय इलाकों में कारोबार के खिलाफ रहवासी लामबंद
ग्रीन सिटी कॉलोनी में रविवार को रहवासी संगठनों की बैठक हुई। अरेरा, गुलमोहर और रोहित नगर समेत आंदोलन से जुड़े कई इलाकों के प्रतिनिधि इसमें शामिल हुए। रहवासी संगठन के सदस्य शेखर माहेश्वरी के मुताबिक बैठक में आवासीय क्षेत्रों से व्यावसायिक गतिविधियां हटाने की मांग पर सहमति बनी। आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए शनिवार को सेवाएं कॉम्प्लेक्स से ऑरा मॉल तक टॉर्च मार्च निकालने का फैसला लिया गया है। जागरूकता के लिए हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जाएगा।
चेंबर ऑफ कॉमर्स ने सरकार से मांगा हस्तक्षेप
कार्रवाई को लेकर चेंबर ऑफ कॉमर्स ने नगरीय प्रशासन मंत्री सहित अन्य मंत्रियों से मुलाकात की है। संगठन ने मामले में सरकार के हस्तक्षेप की अपील की। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें उन्होंने कहा कि एक लाख लोगों को अचानक बेरोजगार नहीं होने दिया जाएगा। उनके अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार अगली सुनवाई से पहले कोई बीच का रास्ता निर्धारित करेगी।
सोमवार से शुरू होगी सीलिंग की कार्रवाई
नगर निगम की ओर से जारी नोटिसों के बाद अब कार्रवाई का अगला चरण सीलिंग है। निगम 24 घंटे का अल्टीमेटम पूरा होने के बाद सोमवार से ऐसे भवनों को सील करने की कार्रवाई शुरू करेगा, जिन पर रहवासी अनुमति के तहत व्यावसायिक गतिविधि या स्वीकृत अनुमति के विपरीत निर्माण का मामला है।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

