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भोपाल के रहवासी इलाकों में कारोबार पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई आज, 8,084 नोटिस और 190 प्रतिष्ठानों का मामला

22 सित, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल के रहवासी इलाकों में कारोबार पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई आज, 8,084 नोटिस और 190 प्रतिष्ठानों का मामला
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। राजधानी भोपाल के रहवासी इलाकों में चल रहे कारोबार से जुड़े 62,500 प्रतिष्ठानों के मामले में सुप्रीम कोर्ट में 22 सितंबर को सुनवाई होगी। पिछली सुनवाई 15 सितंबर को रद्द हो गई थी।


सुनवाई दोपहर में होगी, जहां नगर निगम और रहवासियों की ओर से अपना-अपना पक्ष रखा जाएगा। मामले में निगम की कार्रवाई, सील किए गए प्रतिष्ठानों और उनके दोबारा खुलने के आरोप अहम रहेंगे।


5 अगस्त के फैसले के बाद शुरू हुई थी कार्रवाई

सुप्रीम कोर्ट के 5 अगस्त के फैसले के बाद नगर निगम ने आवासीय क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी करना शुरू किया था। लगभग 15 दिन तक नोटिस देने की कार्रवाई चली। इस दौरान सूची में शामिल 62,500 प्रतिष्ठानों में से 8,084 को नोटिस दिए गए।


तीन दिन में 190 प्रतिष्ठानों पर हुई कार्रवाई

निगम ने कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए 190 प्रतिष्ठानों को 3 दिन तक बंद रखा था। इसके बाद व्यापारियों के विरोध के चलते नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई रोक दी गई। पिछले 22 दिनों से निगम की ओर से इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है।


व्यापारियों के विरोध के बाद रुकी कार्रवाई

सीलिंग और नोटिस के खिलाफ व्यापारी सड़क पर उतर आए थे। विरोध बढ़ने के बाद निगम ने कार्रवाई रोक दी। मामले को लेकर रहवासियों और नगर निगम के बीच कार्रवाई को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।


रहवासियों ने निगम की रिपोर्ट पर उठाए सवाल

याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी ने नगर निगम की एक्शन टेकन रिपोर्ट पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इस संबंध में दस्तावेज सुप्रीम कोर्ट में पेश किए गए हैं। त्रिपाठी के अनुसार, निगम की ओर से दिखाई गई कार्रवाई वास्तविकता से अलग है। उनका दावा है कि जिन प्रतिष्ठानों को सील किया गया था, उनमें से कुछ दोबारा खुल चुके हैं।


सुनवाई से पहले दोनों पक्षों ने तैयार किए दस्तावेज

सोमवार को नगर निगम के अधिकारी सुप्रीम कोर्ट में पेश की जाने वाली रिपोर्ट तैयार करने में जुटे रहे। रहवासी पक्ष ने भी अपने दस्तावेज तैयार किए। उनका कहना है कि सील किए गए प्रतिष्ठानों की मौजूदा स्थिति दिखाने के लिए वीडियो और फोटो अदालत के सामने रखे जाएंगे।


आज तय हो सकती है आगे की तस्वीर

सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई में नगर निगम और रहवासियों के पक्ष सामने आने के बाद 62,500 प्रतिष्ठानों से जुड़े मामले में आगे की दिशा स्पष्ट हो सकती है।

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