
राजधानी भोपाल में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई मजबूती मिली है। गुरुवार से AC ई-बसों का नियमित संचालन शुरू कर दिया गया है। शुरुआती चरण में 3 रूट पर 10 बसें यात्रियों की सेवा में उतारी गई हैं और इनका किराया मौजूदा लाल सिटी बसों के बराबर रखा गया है।
टिकटिंग सॉफ्टवेयर की जांच और खाली बसों के ट्रायल पूरे होने के बाद आम यात्रियों के लिए सेवा शुरू की गई। यात्रियों को अब ₹6–7 के न्यूनतम और ₹40 के अधिकतम किराये में वातानुकूलित बसों का सफर मिलेगा।
किन रूटों पर चल रही हैं ई-बसें
पहले चरण में ई-बसों का संचालन इन मार्गों पर किया जा रहा है—
चिरायु हॉस्पिटल से डीबी मॉल मेट्रो स्टेशन
चिरायु हॉस्पिटल से डीबी मॉल मेट्रो स्टेशन वाया बैरागढ़-चिचली
चिरायु हॉस्पिटल से डीबी मॉल मेट्रो स्टेशन होते हुए कोच फैक्ट्री
अलग-अलग समय पर कुल 10 बसें इन मार्गों पर संचालित हो रही हैं।
किराया नहीं बढ़ा
नई AC ई-बसों में सफर करने वाले यात्रियों से अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जा रहा है। इन बसों का किराया वही रखा गया है जो वर्तमान में लाल सिटी बसों के लिए लागू है। इससे यात्रियों को आरामदायक यात्रा के साथ आर्थिक राहत भी मिल रही है।
सभी मौजूदा बस स्टॉप पर ठहराव
ई-बसें शहर के उन्हीं बस स्टॉप पर रुक रही हैं जहां पहले से सिटी बसों का संचालन होता रहा है। इससे यात्रियों को नए स्टॉप तलाशने की जरूरत नहीं पड़ रही। अभी बसों का तय समय पूरी तरह निर्धारित नहीं किया गया है।
15 अगस्त के बाद सभी 30 बसें होंगी सड़क पर
जानकारी के अनुसार भोपाल में कुल 30 ई-बसें पहुंच चुकी हैं।
पहले चरण में 10 बसें शुरू की गई हैं।
दूसरे चरण में 10 और बसें जोड़ी जाएंगी।
15 अगस्त को प्रदेश स्तर पर इन बसों का लोकार्पण होगा।
इसके बाद सभी 30 ई-बसें नियमित रूप से संचालित होंगी।
कोलार से एमपी नगर तक यात्रियों ने किया सफर
कोलार से एमपी नगर के बीच भी 3 ई-बसें संचालित की जा रही हैं। कोलार के नयापुरा निवासी ममता जोशी ने बताया कि उन्होंने नयापुरा से एमपी नगर तक यात्रा की, जिसके लिए ₹17 किराया देना पड़ा। उनके अनुसार पूरी बस एयर कंडीशनर है और सफर आरामदायक रहा।
दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सुविधा
नई ई-बसों में पहली बार दिव्यांग यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हाइड्रोलिक डोर लगाए गए हैं। इनके माध्यम से ट्राइसाइकिल और व्हीलचेयर के साथ बस में आसानी से चढ़ा और उतरा जा सकता है। हाइड्रोलिक प्रवेश द्वार के सामने इतना स्थान उपलब्ध कराया गया है कि दो व्हीलचेयर या ट्राइसाइकिल एक साथ खड़ी की जा सकें।
ट्रैफिक के हिसाब से क्यों अलग हैं ये बसें
नई ई-बसों की लंबाई 9 मीटर और चौड़ाई करीब साढ़े 3 मीटर है। इसके मुकाबले मौजूदा सिटी बसों की लंबाई 12 मीटर तक है। कम आकार होने से इन बसों के लिए शहर की अपेक्षाकृत संकरी सड़कों पर संचालन आसान रहेगा, हालांकि कुछ व्यस्त मार्गों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति में चुनौतियां बनी रह सकती हैं।
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