
भोपाल पुलिस में हुई एक निलंबन कार्रवाई ने केवल एक थाने तक सीमित मामला नहीं छोड़ा, बल्कि पुलिस विभाग की पोस्टिंग प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अरेरा हिल्स थाना प्रभारी सुनील शर्मा और आरक्षक नंदकिशोर को महिला से जुड़े आरोपों और पद के कथित दुरुपयोग के मामले में निलंबित किया गया है।
कार्रवाई के बाद यह तथ्य भी सामने आया कि टीआई सुनील शर्मा के खिलाफ गुना में पहले से आपराधिक मामला दर्ज है और वह अदालत में विचाराधीन है। इसके बावजूद उन्हें राजधानी के महत्वपूर्ण थानों में शामिल अरेरा हिल्स थाने की जिम्मेदारी सौंप दी गई थी।
शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
महिला के पति ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत कर आरोप लगाया कि टीआई सुनील शर्मा के उसकी पत्नी से अनैतिक संबंध हैं। शिकायत में यह भी कहा गया कि आरक्षक नंदकिशोर इस पूरे मामले में सहयोग कर रहा था और महिला पर दबाव बनाया जा रहा था।
डीसीपी जोन-3 विकास सेहवाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में दोनों की भूमिका संदिग्ध मिलने पर पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने टीआई सुनील शर्मा और आरक्षक नंदकिशोर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
PHQ के दो आदेशों पर उठे सवाल
जांच के दौरान पुलिस मुख्यालय (PHQ) के दो पुराने आदेश भी चर्चा में आ गए। 15 अक्टूबर 2014 के आदेश में कहा गया था कि जिन अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण, विभागीय जांच, भ्रष्टाचार या लोकायुक्त जांच लंबित हो, उन्हें थाने या संवेदनशील पदों पर पदस्थ नहीं किया जाएगा। 17 जून 2025 के आदेश में सभी पुलिस आयुक्तों और एसपी को निर्देश दिए गए थे कि जिन पुलिसकर्मियों पर आपराधिक प्रकरण, नैतिक अधःपतन या अवैध निरोध जैसे मामले लंबित हों, उन्हें थाना, क्राइम ब्रांच या अधिकारियों के कार्यालय में पोस्टिंग नहीं दी जाए।
अदालत में लंबित है मामला
सुनील शर्मा के खिलाफ गुना में दर्ज आपराधिक प्रकरण अदालत में विचाराधीन है। मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त 2026 को निर्धारित है। इसके बावजूद उन्हें अरेरा हिल्स जैसे महत्वपूर्ण थाने का प्रभारी बनाया जाना अब सवालों के घेरे में है।
पोस्टिंग प्रक्रिया पर उठे प्रमुख सवाल
पोस्टिंग से पहले सेवा रिकॉर्ड और लंबित आपराधिक मामलों की जांच क्यों नहीं हुई?
2014 और 2025 के PHQ निर्देशों के बावजूद फील्ड पोस्टिंग किसके आदेश से दी गई?
क्या पोस्टिंग प्रक्रिया में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी?
डीसीपी का बयान
डीसीपी जोन-3 विकास सेहवाल ने कहा कि महिला के पति की शिकायत मिलने के बाद मामले की प्रारंभिक जांच कराई गई। जांच में भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर टीआई सुनील शर्मा और आरक्षक नंदकिशोर के खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई की गई।
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