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भोपाल में मामूली विवाद बना हत्या की वजह, ‘बेटा’ कहकर समझाने पर युवक को चाकू घोंपा, मुख्य आरोपी फरार

30 मार्च, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल में मामूली विवाद बना हत्या की वजह, ‘बेटा’ कहकर समझाने पर युवक को चाकू घोंपा, मुख्य आरोपी फरार
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। राजधानी भोपाल में एक छोटी सी बात ने खौफनाक मोड़ ले लिया। ‘बेटा’ कहकर समझाने की कोशिश करना एक युवक की जान पर भारी पड़ गया। देर रात हुए इस विवाद में 35 वर्षीय युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई।


होटल से लौटते वक्त हुआ विवाद, अचानक भड़की हिंसा

घटना अशोका गार्डन इलाके की है। मृतक विजय मेवाड़ा (35) रविवार देर रात करीब 1:30 बजे अपनी चाय की होटल बंद कर कर्मचारियों को छोड़ने जा रहा था। प्रगति नगर में उसकी मुलाकात आरोपी आसिफ उर्फ बम और उसके साथियों से हुई। शुरुआत में यह एक सामान्य बातचीत थी, लेकिन कुछ ही मिनटों में माहौल बिगड़ गया—और यही पल जानलेवा साबित हुआ।


कर्मचारियों से अभद्रता, विरोध करने पर हमला

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने विजय के कर्मचारियों से जबरदस्ती अपने साथ चलने को कहा। मना करने पर उन्होंने अभद्रता शुरू कर दी। विजय ने बीच-बचाव करते हुए आसिफ को ‘बेटा’ कहकर समझाने की कोशिश की। लेकिन यही बात आरोपी को नागवार गुजर गई और विवाद अचानक हिंसा में बदल गया।


चाकू से किया हमला, मौके पर छोड़कर भागे आरोपी

गुस्से में आसिफ ने चाकू निकालकर विजय के पेट में वार कर दिया। उसके साथियों ने भी मारपीट की। हमले के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल विजय को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया—जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।


परिजनों का हंगामा, सड़क पर चक्का जाम

घटना के बाद गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने सुभाष कॉलोनी में चक्का जाम कर दिया। करीब 30 मिनट तक सड़क पर यातायात बाधित रहा। हमीदिया अस्पताल के बाहर भी परिजनों ने हंगामा किया, जिसके चलते बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात करना पड़ा। स्थिति को संभालने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।


3 हिरासत में, मुख्य आरोपी फरार

पुलिस ने मामले में 3 संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जबकि मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बम अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है और दावा कर रही है कि जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अब सवाल यह है—क्या इस मामले में परिवार को जल्दी न्याय मिल पाएगा और शहर में ऐसी घटनाओं पर लगाम लगेगी?

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