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भोपाल में हुआ नगर निगम की नई 8 मंजिला बिल्डिंग का उद्घाटन, जियोथर्मल तकनीक से लैस प्रदेश की पहली बिल्डिंग

07 मई, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल में हुआ नगर निगम की नई 8 मंजिला बिल्डिंग का उद्घाटन, जियोथर्मल तकनीक से लैस प्रदेश की पहली बिल्डिंग
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल नगर निगम का नया और हाईटेक मुख्यालय ‘अटल भवन’ आखिरकार शुरू हो गया। तुलसी नगर सेकंड स्टॉप पर बने इस भवन का गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकार्पण किया। इस भवन की खासियत यह है कि अब नगर निगम के ज्यादातर विभाग एक ही छत के नीचे काम करेंगे। इससे नागरिकों को अलग-अलग कामों के लिए शहरभर में भटकना नहीं पड़ेगा। हालांकि उद्घाटन के साथ ही इसकी लागत को लेकर नया विवाद भी खड़ा हो गया है।


जियोथर्मल तकनीक से लैस प्रदेश की पहली बिल्डिंग

नगर निगम का दावा है कि अटल भवन प्रदेश की पहली नगरीय निकाय बिल्डिंग है, जिसमें जियोथर्मल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा पार्किंग परिसर में लगाए गए सोलर पैनलों से करीब 300 किलोवाट बिजली उत्पादन होगा। उद्घाटन के साथ नीमच जिले में भोपाल निगम के 10.5 मेगावॉट सोलर प्रोजेक्ट का भी लोकार्पण किया गया।


एक ही छत के नीचे मिलेगी नगर निगम की सुविधा

नई बिल्डिंग शुरू होने के बाद निगम के अलग-अलग कार्यालय अब एक ही परिसर में संचालित होंगे। इससे टैक्स, भवन अनुमति, जल कार्य, सीवेज और अन्य सेवाओं के लिए नागरिकों को अलग-अलग जगह नहीं जाना पड़ेगा। नगर निगम इसे जनता के लिए बड़ी प्रशासनिक सुविधा बता रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इससे कामकाज तेज और समन्वित होगा।


उद्घाटन समारोह में जुटे कई बड़े नेता

लोकार्पण कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप, मंत्री कृष्णा गौर, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवानदास सबनानी, विष्णु खत्री और महापौर मालती राय समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके अलावा निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, बीजेपी प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी और अन्य स्थानीय नेताओं ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। समारोह के दौरान अतिथियों का स्वागत निगम के एमआईसी सदस्यों और पार्षदों ने किया।


अब लागत पर क्यों उठ रहे सवाल?

अटल भवन के उद्घाटन के बीच सबसे ज्यादा चर्चा इसकी लागत को लेकर हो रही है। इससे पहले नगर निगम की बैठकों और आधिकारिक जानकारी में इस परियोजना की लागत करीब 43 करोड़ रुपए बताई गई थी। लेकिन गुरुवार को महापौर मालती राय ने अपने स्वागत भाषण में इसकी लागत 73 करोड़ रुपए बताई। इसके बाद यह मुद्दा अचानक सुर्खियों में आ गया और सवाल उठने लगे कि आखिर परियोजना की वास्तविक लागत क्या है।

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