
भोपाल। राजधानी भोपाल के बहुचर्चित 10 लेन अयोध्या बायपास प्रोजेक्ट को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) से मंजूरी मिलते ही जमीनी कार्रवाई तेज हो गई है। शुक्रवार को हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की ओर से मशीनों के जरिए बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई शुरू कर दी गई। इधर, वर्षों पुराने पेड़ों को बचाने की मांग कर रहे पर्यावरणविदों ने फिर आंदोलन की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि शहर की हरियाली को बचाने के लिए लड़ाई जारी रहेगी।
रत्नागिरि से आसाराम तक चली कटाई मशीनें
शुक्रवार को रत्नागिरि तिराहे से आसाराम तिराहे तक सड़क किनारे कई जगहों पर भारी मशीनों से पेड़ काटे गए। मौके पर कम से कम चार बड़ी मशीनें लगातार काम करती दिखाई दीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस रफ्तार से कटाई हो रही है, उससे अगले 3 से 4 दिन में पूरा कॉरिडोर लगभग खाली हो सकता है। इससे इलाके की हरियाली पर बड़ा असर पड़ने की आशंका है।
7871 पेड़ों की कटाई, 836 करोड़ का प्रोजेक्ट
NHAI अयोध्या बायपास को 10 लेन में बदलने का काम कर रही है। करीब 16 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट की लागत ₹836.91 करोड़ है। प्रोजेक्ट के तहत कुल 7871 पेड़ काटे जाने प्रस्तावित हैं। इनमें कई पेड़ों की उम्र 40 से 80 साल तक बताई जा रही है। यही वजह है कि यह मामला लगातार विवादों में बना हुआ है।
NGT ने शर्तों के साथ दी अनुमति
दो दिन पहले NGT ने पर्यावरणीय शर्तों के साथ परियोजना को आगे बढ़ाने की अनुमति दी थी। इसके बाद कटाई और निर्माण गतिविधियां तेज कर दी गईं। सड़क के कई हिस्सों में बैरिकेड लगाकर लेन संकरी कर दी गई है। जगह-जगह डायवर्जन बनाए गए हैं, जिससे रोज गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कैसे दिल्ली तक पहुंचा मामला?
पिछले साल दिसंबर में तीन दिन के भीतर करीब आधे पेड़ काट दिए गए थे। इसके बाद पर्यावरणविदों और स्थानीय लोगों ने जोरदार विरोध किया। मामला पहले भोपाल NGT बेंच पहुंचा, जहां पेड़ों की कटाई पर रोक लगाई गई। बाद में केस दिल्ली बेंच में ट्रांसफर हुआ और अब सुनवाई के बाद प्रोजेक्ट को अनुमति मिल गई है। हालांकि याचिकाकर्ता नितिन सक्सेना का कहना है कि कुछ कानूनी बिंदुओं पर राहत अब भी बरकरार है।
पर्यावरणविदों का सवाल- एलिवेटेड रोड क्यों नहीं?
पर्यावरणविद् सुभाष सी. पांडे, उमाशंकर तिवारी, राशिद नूर और अन्य कार्यकर्ताओं का कहना है कि पेड़ों को बचाने के लिए एलिवेटेड रोड या सिक्स लेन विकल्प अपनाया जा सकता था। उनका आरोप है कि विकास के नाम पर दशकों पुरानी हरियाली खत्म की जा रही है। पर्यावरणविदों ने जल्द बड़े स्तर पर आंदोलन की रणनीति बनाने की बात कही है।
NHAI का दावा- 81 हजार पौधे लगाए जाएंगे
- NHAI का कहना है कि कटने वाले पेड़ों के बदले 81 हजार पौधे लगाए जाएंगे।
- 10 हजार पौधे अयोध्या बायपास के दोनों ओर लगाए जाएंगे
- 61 हजार पौधे झिरनिया और जागरियापुर क्षेत्र में रोपे जाएंगे
- पौधों की 15 साल तक देखरेख की जाएगी
- इस पर करीब ₹20 करोड़ खर्च होंगे
NHAI के अनुसार, परियोजना को “ग्रीन कॉरिडोर” मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा।
प्रोजेक्ट से क्या होगा फायदा?
अयोध्या बायपास भोपाल का सबसे व्यस्त ट्रांजिट कॉरिडोर माना जाता है। विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम और इंदौर की ओर जाने वाला भारी ट्रैफिक इसी मार्ग से गुजरता है। 10 लेन सड़क बनने के बाद ट्रैफिक जाम कम होने, यात्रा समय घटने और भारी वाहनों की आवाजाही आसान होने का दावा किया जा रहा है।
प्रोजेक्ट की खास बातें
मुख्य सड़क होगी 6 लेन
दोनों ओर 2-2 लेन सर्विस रोड
3 बड़े फ्लाईओवर बनेंगे
18 छोटे-बड़े अंडरपास तैयार होंगे
सड़क निर्माण में 10 लाख टन सॉलिड वेस्ट का इस्तेमाल होगा
बताया जा रहा है कि इससे आदमपुर खंती में जमा कचरे के पहाड़ को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
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