
भोपाल। राजधानी भोपाल में चल रहे BRICS सांस्कृतिक सम्मेलन-2026 का शुक्रवार को तीसरा दिन है। आज सदस्य और भागीदार देशों के संस्कृति मंत्री भोपाल पहुंचेंगे, जबकि शाम को BRICS सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन होगा।
सम्मेलन का सांस्कृतिक समापन मध्य प्रदेश की कला, आध्यात्मिक परंपरा, इतिहास और लोक जीवन पर आधारित भव्य प्रस्तुति ‘अमृतस्य मध्य प्रदेश- एक अलौकिक सांस्कृतिक महायात्रा’ से होगा। इसके लिए 125 से अधिक कलाकार मंच पर प्रस्तुति देंगे।
‘अमृतस्य मध्य प्रदेश’ में दिखेगी मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक यात्रा
संस्कृति विभाग की इस विशेष प्रस्तुति का निर्देशन प्रसिद्ध कोरियोग्राफर मैत्रेयी पहाड़ी करेंगी। नृत्य-संरचना की शुरुआत ॐ की अनादि ध्वनि से होगी और इसके माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के साथ उसकी कला एवं लोक परंपराओं को भी जोड़ा गया है। प्रस्तुति में शामिल प्रमुख हिस्से हैं—
- भीमबेटका, सांची और खजुराहो की यूनेस्को विश्व धरोहर
- चित्रकूट का ‘राम-पथ गमन’
- उज्जैन के संदीपनि आश्रम की ‘कृष्ण-लीला’
- ग्वालियर, ओरछा और मांडू के ऐतिहासिक किलों की गाथा
- महेश्वरी और चंदेरी के वस्त्र-शिल्प
- बैगा, मटकी और बधाई जैसे लोक-नृत्य
उज्जैन से ओंकारेश्वर तक आध्यात्मिक रंग
सांस्कृतिक प्रस्तुति में भोपाल की झीलों से लेकर उज्जैन की धार्मिक परंपरा, ओंकारेश्वर के अध्यात्म और मां नर्मदा की महाआरती तक के दृश्य शामिल होंगे। कार्यक्रम के जरिए विदेशी मेहमानों को ‘सिंहस्थ कुंभ 2028’ के लिए आध्यात्मिक निमंत्रण भी दिया जाएगा। शाम का कार्यक्रम मध्य प्रदेश सरकार की ओर से आयोजित रात्रिभोज के साथ समाप्त होगा।
8 अगस्त को होगी BRICS संस्कृति मंत्रियों की बैठक
सम्मेलन का अगला बड़ा चरण 8 अगस्त को होगा। भारत की अध्यक्षता में तीसरी BRICS संस्कृति मंत्रियों की बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में सांस्कृतिक विरासत, संग्रहालय, रचनात्मक अर्थव्यवस्था, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे विषयों पर सहयोग मजबूत करने को लेकर चर्चा होगी। बैठक के अंत में ‘BRICS संस्कृति मंत्रियों की घोषणा’ अपनाई जाएगी। यह BRICS के भीतर सांस्कृतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए साझा दृष्टिकोण और भविष्य की रूपरेखा तय करेगी। इसके बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से मंत्रियों के लिए दोपहर के भोजन का कार्यक्रम रहेगा।
सांची में बौद्ध विरासत से रूबरू होंगे विदेशी प्रतिनिधि
बैठक और लंच के बाद विदेशी मंत्री तथा प्रतिनिधिमंडल सांची जाएंगे। यहां उन्हें भारत की बौद्ध विरासत और स्थापत्य परंपरा से परिचित कराया जाएगा। प्रतिनिधि ‘बुद्ध जंबूदीप’ का भ्रमण करेंगे और इसके बाद विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप का विशेष गाइडेड टूर कराया जाएगा। सांची यात्रा के दौरान चेतियागिरी मंदिर में दर्शन, योग एवं ध्यान सत्र भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगे। शाम को बौद्ध इतिहास और कला पर केंद्रित 3D प्रोजेक्शन मैपिंग तथा लाइट एंड साउंड शो आयोजित किया जाएगा।
विदेशी मेहमानों के लिए MP के खास व्यंजन
BRICS सदस्य देशों के संस्कृति मंत्रियों के लिए भोजन में मध्य प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों को प्रमुखता दी गई है। लंच और डिनर के मेन्यू में कई स्थानीय व्यंजन शामिल किए गए हैं।
मेहमानों को परोसे जाने वाले प्रमुख व्यंजनों में—
- दाल बाफले
- निमोना
- रिकमच
- गुइया की सब्जी
- चंबल का थोपा
- चंदिया
- बड़ा
- कोदो और कुटकी जैसे मिलेट्स आधारित व्यंजन
अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की पसंद और खान-पान की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए वेस्टर्न और ओरिएंटल व्यंजनों की श्रृंखला भी रखी गई है।
9 अगस्त को मेहमानों की रवानगी, भीमबेटका का विकल्प
9 अगस्त को विदेशी मेहमानों के आगे रवाना होने से पहले इच्छुक प्रतिनिधियों के लिए भीमबेटका शैलाश्रय का वैकल्पिक भ्रमण रखा गया है। इस यात्रा के जरिए प्रतिनिधियों को दुनिया के महत्वपूर्ण प्रागैतिहासिक सांस्कृतिक परिदृश्यों में शामिल भीमबेटका और भारत की असाधारण रॉक आर्ट विरासत को देखने का अवसर मिलेगा।
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