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भोपाल टाइगर मूवमेंट: चंदनपुरा में मॉर्निंग वॉक के दौरान दंपती के बेहद करीब पहुंचा बाघ, वन विभाग ने शुरू किया सर्चिंग अभियान

26 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल टाइगर मूवमेंट: चंदनपुरा में मॉर्निंग वॉक के दौरान दंपती के बेहद करीब पहुंचा बाघ, वन विभाग ने शुरू किया सर्चिंग अभियान
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल के चंदनपुरा इलाके में शुक्रवार सुबह बाघ दिखने से लोगों में दहशत फैल गई। मॉर्निंग वॉक पर निकले कई लोगों ने बाघ को देखा, जिसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर उसकी तलाश में जुट गई। घटना के दौरान एक दंपती के बेहद करीब तक बाघ पहुंच गया। महिला के शोर मचाते ही वह झाड़ियों की ओर चला गया। फिलहाल लोगों से जंगल से लगे इलाकों में जाने से बचने की अपील की गई है।


महिला ने बताया कैसे हुआ आमना-सामना

मॉर्निंग वॉक पर निकली महिला ने बताया कि वह अपने पति के साथ टहल रही थी। तभी उसके बिल्कुल पास से एक जानवर निकला। शुरुआत में उसे लगा कि वह कोई कुत्ता है, लेकिन ध्यान से देखने पर पता चला कि वह बाघ है। महिला के अनुसार उस समय उसके पति कुछ दूरी पर थे। उसने जोर से आवाज लगाई, जिसके बाद बाघ झाड़ियों में चला गया।


कई लोगों ने देखा, दहाड़ सुनने का भी दावा

घटना के समय आसपास मौजूद कई अन्य लोगों ने भी बाघ को देखने की बात कही। कुछ लोगों ने उसकी दहाड़ सुनने का दावा किया। बाघ दिखते ही मॉर्निंग वॉक कर रहे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग वहां से भाग गए, जबकि कुछ ने सुरक्षित दूरी से उसका वीडियो भी बनाया।


फार्महाउस की बाउंड्री के अंदर पहुंचा बाघ

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाघ बाद में चंदनपुरा स्थित एक निजी फार्महाउस की बाउंड्री के भीतर चला गया। यह घटना सुबह करीब 6:30 से 7:00 बजे के बीच हुई। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम करीब 9:00 बजे मौके पर पहुंची और सर्चिंग अभियान शुरू किया।


खुली जाली से आवाजाही की संभावना

वन्यजीव एक्सपर्ट राशिद नूर ने बताया कि इलाके में बड़ी जाली लगी हुई है, लेकिन उसका एक हिस्सा खुला है। उनके अनुसार संभावना है कि बाघ उसी रास्ते से आवाजाही कर रहा है।


बढ़ रहा मानव-बाघ संघर्ष का खतरा

राशिद नूर ने बताया कि चंदनपुरा क्षेत्र बाघ के प्राकृतिक कॉरिडोर के पास स्थित है। यहां लंबे समय से बाघों की मौजूदगी दर्ज होती रही है। उन्होंने कहा कि मॉर्निंग वॉक, सैर और अन्य गतिविधियों के कारण लोगों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। इलाके में वन विभाग की स्थायी चौकी भी नहीं है। साथ ही निर्माण कार्य और भूमि विकास की गतिविधियां बाघों के प्राकृतिक रास्तों को प्रभावित कर रही हैं। समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में इंसानों और बाघों के बीच संघर्ष की घटनाएं बढ़ सकती हैं।


वन विभाग की अपील

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि सर्चिंग अभियान पूरा होने तक चंदनपुरा और आसपास के जंगल से लगे इलाकों में मॉर्निंग वॉक या अन्य गतिविधियों के लिए न जाएं।

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