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भोपाल में 13 घंटे में बदली सफाई की तस्वीर, 3 दिन की गंदगी रातभर में साफ; हड़ताल खत्म होते ही मैदान में उतरे अधिकारी

07 नव, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल में 13 घंटे में बदली सफाई की तस्वीर, 3 दिन की गंदगी रातभर में साफ; हड़ताल खत्म होते ही मैदान में उतरे अधिकारी
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल में तीन दिन से ठप पड़ी सफाई व्यवस्था शनिवार सुबह तक काफी हद तक पटरी पर लौट आई। रात 8 बजे शुरू हुआ विशेष सफाई अभियान लगातार 13 घंटे चला और सुबह 9 बजे तक प्रमुख बाजारों, सड़कों और रिहायशी इलाकों से कचरा हटाने का काम किया गया। न्यू मार्केट से लेकर चौक बाजार तक पानी से धुलाई की गई। सफाई कर्मचारियों की वापसी के साथ नगर निगम और जिला प्रशासन के अधिकारी भी सड़कों पर दिखाई दिए। इस अभियान के दौरान जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने खुद झाड़ू उठाकर सफाई की।


मुख्यमंत्री से बातचीत के बाद खत्म हुआ आंदोलन

भोपाल में 7,000 से ज्यादा सफाईकर्मियों के काम बंद करने से लगातार तीन दिनों तक शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित रही। प्रमुख बाजारों, सड़कों और आवासीय क्षेत्रों में कचरे के ढेर लग गए थे। हड़ताल समाप्त कराने के लिए मंत्री कृष्णा गौर ने यूनियन के पदाधिकारियों से बातचीत की पहल की। इसके बाद उनकी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कराई गई। मुख्यमंत्री के साथ हुई चर्चा सकारात्मक रही। इसके बाद कर्मचारी संगठन ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी और उसी रात सफाई अभियान शुरू हो गया।


रात 8 बजे से सड़कों पर उतरा सफाई अमला

आंदोलन समाप्त होने के बाद कर्मचारियों ने सबसे पहले प्रमुख मार्गों और व्यस्त बाजारों में जमा कचरा हटाया। इसके बाद सफाई टीमों को गली-मोहल्लों और रिहायशी इलाकों में भेजा गया। रातभर चले अभियान में न्यू मार्केट सहित शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों की सफाई और पानी से धुलाई की गई। शनिवार सुबह 9 बजे तक करीब 13 घंटे का विशेष सफाई अभियान पूरा हुआ।


10 नंबर मार्केट में अधिकारियों ने भी उठाई झाड़ू

सफाई अभियान के दौरान कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, महापौर मालती राय और नगर निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार रात में 10 नंबर मार्केट पहुंचे। यहां अधिकारियों ने कर्मचारियों के साथ मिलकर झाड़ू लगाई और सफाई कार्य में हिस्सा लिया। शनिवार सुबह महापौर और निगम कमिश्नर ने न्यू मार्केट पहुंचकर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया।


हड़ताल के दौरान नहीं दिखी ऐसी सक्रियता

तीन दिनों तक सफाई कर्मचारियों के आंदोलन के दौरान शहर में जगह-जगह कचरा जमा होता रहा। इस अवधि में कोई जिम्मेदार जनप्रतिनिधि या अधिकारी खुद सफाई अभियान की कमान संभालने के लिए मैदान में नहीं उतरा। आंदोलन खत्म होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता दिखाई दी। बाजारों में निरीक्षण से लेकर झाड़ू लगाने तक की गतिविधियां शुरू हो गईं।


दोपहर तक पूरे शहर की सफाई का दावा

अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन (7262) के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट ने दावा किया कि शनिवार दोपहर तक राजधानी की सफाई पूरी कर दी जाएगी। उनके मुताबिक, इसके बाद सड़कों पर केवल रोजाना निकलने वाला सामान्य कचरा बचेगा, जिसे नियमित सफाई व्यवस्था के तहत हटाया जाएगा।


मंत्री कृष्णा गौर की पहल से टला चौथे दिन का आंदोलन

सफाई कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार को चौथे दिन भी जारी रह सकती थी। मंत्री कृष्णा गौर की पहल पर यूनियन पदाधिकारियों और मुख्यमंत्री के बीच बातचीत हुई, जिसके बाद आंदोलन समाप्त करने पर सहमति बनी। इसके बाद नगर निगम का सफाई अमला एकसाथ काम पर लौट आया। रातभर चले अभियान ने शहर की सफाई व्यवस्था को दोबारा शुरू करने का रास्ता तैयार किया।

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