
भोपाल। राजधानी भोपाल में एक बार फिर बड़ा सांप्रदायिक तनाव टल गया। मंदिर के पास मिले पशु अवशेष के मामले में पुलिस ने तेजी दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि यह पूरी घटना शहर का माहौल बिगाड़ने की साजिश थी।
5 दिन की जांच में खुलासा, पुलिस ने पकड़ा मास्टरमाइंड
तलैया थाना क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद पुलिस और इंटेलिजेंस टीमों ने लगातार जांच की। करीब 5 दिन की पड़ताल के बाद आरोपी फूल सिंह चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने जानबूझकर यह हरकत की ताकि शहर में सांप्रदायिक तनाव फैल सके। समय रहते कार्रवाई होने से बड़ा विवाद टल गया—यही इस मामले की सबसे अहम कड़ी है।
गोवंश नहीं, भैंस के बछड़े के अवशेष पाए गए
जांच में एक बड़ा तथ्य सामने आया है। पुलिस और फॉरेंसिक जांच में पुष्टि हुई कि मृत पशु गोवंश नहीं बल्कि भैंस का बछड़ा था। आरोपी ने बछड़े की खाल उतारकर अलग उपयोग के लिए काटा और बचे अवशेष बोरी में भरकर काली मंदिर के पास फेंक दिए। उसका मकसद साफ था—नवरात्रि के दौरान धार्मिक भावना भड़काना।
घटना के बाद हुआ हंगामा, रातभर बना रहा तनाव
यह घटना 23 मार्च 2026 को सामने आई थी, जब लोगों ने मंदिर के पास बोरी में पशु अवशेष देखे। इसके बाद कई संगठनों के लोग मौके पर पहुंचे और चक्काजाम व थाने का घेराव किया। इलाके में रातभर तनाव की स्थिति बनी रही, हालांकि पुलिस ने समझाइश देकर हालात संभाले—जिससे बड़ा टकराव टल गया।
आरोपी से बरामद हुए सबूत, सख्त धाराओं में केस
पुलिस ने आरोपी के पास से छूरी, रस्सी और बाइक जब्त की है, जिनका इस्तेमाल वारदात में किया गया। उसके खिलाफ पशु क्रूरता, शांति भंग करने और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आगे और कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है।
सियासत भी गरमाई, NSA लगाने की उठी मांग
इस मामले के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। AIMIM नेता मोहसिन अली खान ने इसे शहर की शांति बिगाड़ने की साजिश बताते हुए आरोपी पर NSA लगाने की मांग की है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि क्या सभी मामलों में एक जैसी कार्रवाई होगी। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर कितना सख्त कदम उठाता है।
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