
भोपाल में सामने आए बड़े गोमांस तस्करी मामले में मुख्य आरोपी असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा को अदालत से कोई राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी, जिससे आरोपी को फिलहाल जेल में ही रहना होगा।
कोर्ट ने जमानत याचिका की खारिज
शुक्रवार को मामले की सुनवाई न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी जयदीप मौर्य की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष के वकील ने दलील दी कि असलम कुरैशी निर्दोष है और उसे जमानत दी जानी चाहिए। वहीं सरकारी पक्ष ने मामले को गंभीर बताते हुए कोर्ट से जमानत आवेदन खारिज करने की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी नामंजूर कर दी।
एसआईटी ने कोर्ट में पेश किया 500 पेज का चालान
इस केस की जांच पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) कर रही है। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने 6 मार्च को करीब 500 पेज का चालान अदालत में दाखिल किया। इस चालान में आरोपी असलम कुरैशी और उसके ड्राइवर शोएब को मुख्य आरोपी बताया गया है।
26 टन मांस से भरा कंटेनर पकड़ा गया था
यह मामला 17 दिसंबर 2025 का है। उस दिन हिंदू संगठनों के कुछ कार्यकर्ताओं ने जहांगीराबाद क्षेत्र के पास एक कंटेनर को रोका था। कंटेनर की जांच करने पर उसमें करीब 26 टन मांस भरा हुआ मिला, जिसे मुंबई भेजा जा रहा था। आरोप लगाया गया कि स्लॉटर हाउस में गोवंश का अवैध रूप से वध कर मांस को चोरी-छिपे दूसरे शहरों में भेजा जा रहा था।
फॉरेंसिक रिपोर्ट में हुई गोमांस की पुष्टि
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कंटेनर में मिले मांस के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए मथुरा स्थित फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी भेजा था। जांच रिपोर्ट में गोमांस होने की पुष्टि होने के बाद 8 जनवरी को जहांगीराबाद थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।
आरोपी और ड्राइवर को भेजा गया था जेल
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने स्लॉटर हाउस संचालक असलम कुरैशी और उसके ड्राइवर शोएब को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया, जहां वे फिलहाल बंद हैं।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

