गुरुवार, 23 जुलाई 2026
Logo
Madhaya Pradesh

भोपाल में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट पर सख्ती: पुलिस का प्रतिबंधात्मक आदेश जारी, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

07 मार्च, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट पर सख्ती: पुलिस का प्रतिबंधात्मक आदेश जारी, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सोशल मीडिया पर भड़काऊ और आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में खंडवा और छिंदवाड़ा में माहौल बिगाड़ने वाली घटनाओं के बाद भोपाल पुलिस ने शहर में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिया है। अब सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की आपत्तिजनक या भड़काऊ सामग्री साझा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


धारा 163 के तहत जारी हुआ आदेश

भोपाल में यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया गया है। प्रशासन का उद्देश्य सोशल मीडिया के जरिए फैलने वाली अफवाहों, वैमनस्यता और सामाजिक तनाव को रोकना है, ताकि शहर में शांति और कानून-व्यवस्था बनी रहे।


सोशल मीडिया पर बढ़ती दुश्मनी बनी चिंता

पुलिस के अनुसार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई बार लोग बिना सोचे-समझे आपत्तिजनक टिप्पणियां और पोस्ट साझा कर देते हैं। इन पोस्ट और क्रॉस कमेंट्स के कारण इंटरनेट पर विवाद बढ़ जाता है और कई बार धार्मिक भावनाएं आहत होने की स्थिति बन जाती है। प्रशासन का कहना है कि इस तरह की ऑनलाइन बहस और सोशल मीडिया वॉर से समाज में तनाव का माहौल बन सकता है।


कानून-व्यवस्था पर पड़ सकता है असर

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भड़काऊ पोस्ट और टिप्पणियों से लोक व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका रहती है। अगर समय रहते इन गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई तो शहर की कानून-व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।


आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों पर कड़ी कार्रवाई

भोपाल पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भड़काऊ, अश्लील या धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ करें।


जन सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए फैसला

प्रशासन का कहना है कि राजधानी भोपाल में जन सुरक्षा और सामाजिक शांति बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से यह प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किया गया है, ताकि सोशल मीडिया के माध्यम से फैलने वाली भड़काऊ सामग्री और अफवाहों को रोका जा सके।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें