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भोपाल में महिलाओं के खिलाफ अपराध के आंकड़े बढ़े, नौ महीने में 2801 केस; अपहरण के मामले 505 तक पहुंचे

23 अक्टू, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल में महिलाओं के खिलाफ अपराध के आंकड़े बढ़े, नौ महीने में 2801 केस; अपहरण के मामले 505 तक पहुंचे
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। भोपाल में महिलाओं के खिलाफ दर्ज अपराधों की संख्या 2026 में पिछले साल के पूरे आंकड़े से भी आगे निकल गई है। 30 सितंबर 2026 तक 2,801 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2025 में पूरे साल के दौरान यह संख्या 2,216 थी।


आंकड़ों में अपहरण, बलात्कार, शीलभंग और प्रताड़ना के मामलों में बढ़ोतरी सामने आई है। दूसरी तरफ, दहेज हत्या और आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़े दर्ज मामलों में कमी दर्ज की गई है।


तीन साल के आंकड़े क्या बताते हैं?

महिलाओं के खिलाफ अपराधों के कुल मामलों में 2025 में गिरावट के बाद 2026 में फिर बढ़ोतरी दर्ज हुई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस साल सितंबर के अंत तक दर्ज मामले 2025 की पूरी सालाना संख्या से करीब 26.4 प्रतिशत अधिक हैं।


वर्ष          महिलाओं के खिलाफ कुल मामले

2024:     2,482

2025:     2,216

2026 (30 सितंबर तक):  2,801


2026 का आंकड़ा केवल 30 सितंबर तक का है, जबकि 2024 और 2025 के आंकड़े संबंधित पूरे वर्षों के बताए गए हैं।


अपहरण के मामलों में सबसे बड़ी बढ़ोतरी

महिलाओं के अपहरण से जुड़े दर्ज मामलों की संख्या 2026 में तेजी से बढ़ी। वर्ष 2024 में 369 और 2025 में 337 मामले दर्ज हुए थे, जो 2026 में सितंबर तक बढ़कर 505 हो गए।


यह संख्या 2025 के पूरे साल के आंकड़े से करीब 50 प्रतिशत अधिक है। अपहरण से जुड़े मामलों में यह बढ़ोतरी अपराध के रुझान पर ध्यान देने की जरूरत दिखाती है।


बलात्कार और शीलभंग के मामले भी बढ़े

बलात्कार के मामलों में तीनों वर्षों के आंकड़े लगातार बढ़े हैं। 2024 में 233, 2025 में 276 और 2026 में 30 सितंबर तक 301 मामले दर्ज किए गए।


महिलाओं के शीलभंग से जुड़े मामलों में भी बढ़ोतरी हुई। वर्ष 2024 में 277 और 2025 में 289 मामले दर्ज हुए थे, जबकि 2026 में सितंबर तक यह संख्या 323 पहुंच गई।


महिलाओं के साथ प्रताड़ना के मामलों में 31 प्रतिशत की वृद्धि

महिलाओं के खिलाफ प्रताड़ना के दर्ज मामलों में 2026 के आंकड़े पिछले साल की तुलना में काफी अधिक हैं। 2024 में 412 और 2025 में 437 मामले दर्ज किए गए थे।


2026 में 30 सितंबर तक यह संख्या बढ़कर 573 हो गई। यानी 2025 के पूरे साल की तुलना में करीब 31 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई।


दहेज हत्या और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले घटे

सभी श्रेणियों में बढ़ोतरी नहीं हुई है। दहेज हत्या के दर्ज मामले 2024 और 2025 में आठ-आठ थे, जबकि 2026 में 30 सितंबर तक घटकर 6 रह गए।


आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़े मामलों में भी कमी दर्ज की गई। 2025 में ऐसे 22 मामले सामने आए थे, जबकि 2026 में सितंबर तक इनकी संख्या 10 रही।


स्कूल-कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा की जरूरत

महिलाओं की सुरक्षा के लिए स्कूल-कॉलेज, कार्यस्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया गया है। शिकायत दर्ज कराने वाली महिलाओं को भरोसा मिलना भी जरूरी है कि उनकी बात सुनी जाएगी और कार्रवाई होगी।


पुलिस कमिश्नर ने बताई व्यवस्था

भोपाल के पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के अनुसार, महिलाओं से जुड़े अपराधों की शिकायत मिलने पर पुलिस तत्काल कार्रवाई करती है। उन्होंने बताया कि महिला थाने समेत सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क बनाई गई हैं।


उनके मुताबिक, महिलाओं की सुरक्षा के लिए शी शक्ति टीम भी गठित की गई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर सुरक्षा उपलब्ध कराने और आवश्यक कार्रवाई के लिए बल सक्रिय किया जाता है।


आंकड़ों के साथ रोकथाम पर भी ध्यान जरूरी

भोपाल में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के दर्ज मामलों में 2026 के दौरान बढ़ोतरी दर्ज हुई है। खासकर अपहरण और प्रताड़ना के आंकड़े पिछले साल के पूरे आंकड़ों से अधिक हैं।


इन आंकड़ों के आधार पर अपराधों की रोकथाम, सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा और शिकायतों पर कार्रवाई की व्यवस्था की समीक्षा महत्वपूर्ण है। दर्ज मामलों की संख्या अपने आप में अपराध के सभी पहलुओं या वास्तविक घटनाओं की पूरी तस्वीर नहीं बताती।

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