
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में साइबर ठग लगातार नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। शहर के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में बुजुर्गों से करीब 12 लाख रुपए की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। एक मामले में रिटायर्ड बैंककर्मी को एसबीआई पेंशन कार्ड बनवाने का झांसा दिया गया, जबकि दूसरे मामले में बुजुर्ग दंपती को निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर रकम ठग ली गई।
पेंशन कार्ड के नाम पर रिटायर्ड बैंककर्मी से ठगी
मिसरोद थाना क्षेत्र के इंडस टाउन निवासी 67 वर्षीय विश्वनाथ सिंह तोमर भारतीय स्टेट बैंक से रिटायर हैं। उनका एसबीआई पेंशन कार्ड नहीं बना था, जिसकी जानकारी वह फेसबुक पर तलाश रहे थे। इसी दौरान उन्हें एक मैसेज मिला, जिसमें पेंशन कार्ड बनवाने की बात कही गई थी। मैसेज में दिए नंबर पर संपर्क करने के बाद साइबर ठगों ने उन्हें भरोसे में ले लिया।
लिंक भेजते ही मोबाइल हुआ हैक
आरोपियों ने व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजकर जरूरी दस्तावेज मांगे। दस्तावेज भेजने के कुछ देर बाद उनका मोबाइल अचानक गर्म होने लगा। कुछ समय बाद जब उन्होंने मोबाइल चेक किया तो खाते से पैसे कटने के लगातार मैसेज आने लगे। जांच करने पर पता चला कि खाते से कुल 5 लाख 44 हजार 912 रुपए निकाल लिए गए हैं।
पुलिस के सामने साइबर ठग बड़ी चुनौती
घटना के बाद पीड़ित ने मिसरोद थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। राजधानी में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए हैं। खासकर बुजुर्ग और महिलाएं साइबर ठगों के आसान निशाने बनते जा रहे हैं।
निवेश पर मोटे मुनाफे का लालच देकर ठगी
भोपाल के निशातपुरा थाना क्षेत्र में भी साइबर फ्रॉड का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां ठगों ने डॉलर में निवेश पर भारी मुनाफा दिलाने का झांसा देकर बुजुर्ग दंपती से लाखों रुपए ठग लिए। पुलिस के मुताबिक न्यू चौकसे नगर निवासी 64 वर्षीय सुनीता गुप्ता ने शिकायत दर्ज कराई है। उनके पति सुरेश गुप्ता शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हैं।
पहले भरोसा जीता, फिर लाखों ट्रांसफर करवाए
दिसंबर 2025 में सुरेश गुप्ता के मोबाइल पर एक कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को निवेश सलाहकार बताया और कम समय में डॉलर में मोटा मुनाफा दिलाने का दावा किया। शुरुआत में आरोपियों ने छोटी रकम निवेश कराकर भरोसा बनाया। बाद में ज्यादा फायदा दिखाकर लगातार बड़ी रकम ट्रांसफर करवाई गई।
बेटे और रिश्तेदारों से उधार लेकर लगाए पैसे
मुनाफे की उम्मीद में सुरेश गुप्ता ने अपने बेटे और रिश्तेदारों से उधार लेकर भी पैसे जमा किए। आरोपी लगातार नई स्कीम बताकर और अधिक निवेश करने का दबाव बनाते रहे। जब काफी समय तक रकम वापस नहीं मिली, तब दंपती को ठगी का एहसास हुआ। आरोपियों ने अलग-अलग खातों में कुल 6 लाख 53 हजार रुपए ट्रांसफर करवा लिए।
साइबर पुलिस कर रही खातों और नंबरों की जांच
दोनों मामलों में पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। साइबर टीम बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है।
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