
भोपाल में डेंगू के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। एक सप्ताह में 5 नए मरीज मिलने के बाद राजधानी में कुल संक्रमितों की संख्या 44 हो गई है, जिससे प्रदेश में डेंगू मरीजों के मामले में भोपाल दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।
बारिश के बाद शहर के करीब 1.5 लाख खाली प्लॉट स्वास्थ्य विभाग के लिए सबसे बड़ी चिंता बनकर उभरे हैं। इन स्थानों पर जमा साफ पानी में एडीज मच्छरों के पनपने की आशंका अधिक होने से लार्वा सर्वे और नियंत्रण अभियान तेज कर दिया गया है।
खाली प्लॉटों पर बढ़ा फोकस
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि बड़ी संख्या में खाली पड़े प्लॉट डेंगू नियंत्रण की राह में सबसे बड़ी चुनौती हैं। विभाग ने इन क्षेत्रों में लार्वा की पहचान और उसे नष्ट करने की कार्रवाई तेज करने की तैयारी की है। नगर निगम से भी शहर के खाली प्लॉटों का अद्यतन विवरण मांगा गया है, ताकि सर्वे और नियंत्रण अभियान अधिक प्रभावी ढंग से चलाया जा सके।
इन इलाकों में मिले सबसे ज्यादा मरीज
राजधानी के कुछ क्षेत्रों में संक्रमण का असर अधिक देखा गया है। कुल 44 मरीजों में लगभग 25 प्रतिशत मरीज इन इलाकों से सामने आए हैं।
प्रमुख प्रभावित क्षेत्र:
साकेत नगर
कटारा हिल्स
बागसेवनियां
अवधपुरी
इसके अलावा इन इलाकों में भी मरीज मिले हैं:
कमलानगर
लालघाटी
शिवलोक
विजय नगर
गोविंदपुरा
बरखेड़ी कलां
शाहजहानाबाद
शहीद नगर
सर्वधर्म
साईनाथ कॉलोनी
कान्हाकुंज
राजहर्ष कॉलोनी
ललिता नगर
डेंगू नियंत्रण के लिए बनी टास्क फोर्स
संयुक्त संचालक स्वास्थ्य डॉ. हिमांशु जायसवाल ने बताया कि भोपाल सहित सभी जिलों में डेंगू नियंत्रण के लिए टास्क फोर्स गठित करने और लार्वा सर्वे को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर मैदानी अमले की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। सीएमएच भोपाल डॉ. मनीष शर्मा के अनुसार, राजधानी में लार्वा सर्वे अभियान की रफ्तार बढ़ा दी गई है ताकि संभावित प्रजनन स्थलों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
पांच साल में चुनौती कई गुना बढ़ी
डेंगू नियंत्रण की व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ा है।
5 वर्ष पहले शहर में लगभग 5 हजार खाली प्लॉट थे।
उस समय 135 लार्वा सर्वे टीमें काम कर रही थीं।
अब खाली प्लॉट बढ़कर 1.5 लाख हो गए हैं।
जबकि सर्वे टीमों की संख्या घटकर 44 रह गई है।
इस वजह से प्रत्येक संभावित स्थान तक समय पर पहुंचना विभाग के लिए कठिन हो गया है।
प्रदेश में डेंगू मरीजों की स्थिति
डेंगू मामलों के आधार पर प्रमुख जिलों की स्थिति इस प्रकार है—
रीवा — 79 मरीज
भोपाल — 44 मरीज
ग्वालियर — 36 मरीज
इंदौर — 30 मरीज
जबलपुर — 24 मरीज
पिछले वर्ष जुलाई के पहले सप्ताह तक भोपाल में 42 मरीज दर्ज हुए थे, जबकि इस बार यह आंकड़ा बढ़कर 44 हो चुका है।
डेंगू से बचाव के लिए क्या करें
विशेषज्ञों ने लोगों को मच्छरों की रोकथाम पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है।
घर और आसपास पानी जमा न होने दें।
कूलर, गमलों और पानी की टंकियों का पानी नियमित बदलें।
बुखार आने पर तुरंत जांच कराएं।
बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेने से बचें।
घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें ताकि एडीज मच्छरों का प्रजनन न हो।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

