बुधवार, 28 अक्टूबर 2026
Logo
Madhaya Pradesh

भोपाल में दिवाली पर 40 एंबुलेंस अलर्ट, 15 मिनट में पहुंचेंगे डॉक्टर, हमीदिया समेत सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी तैयारी पूरी

28 अक्टू, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल में दिवाली पर 40 एंबुलेंस अलर्ट, 15 मिनट में पहुंचेंगे डॉक्टर, हमीदिया समेत सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी तैयारी पूरी
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। दिवाली पर पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं और धुएं के कारण सांस संबंधी दिक्कतों से निपटने के लिए भोपाल के सरकारी अस्पतालों में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था तैयार की गई है। 108 एंबुलेंस सेवा की 40 गाड़ियां अलर्ट रहेंगी, जबकि जरूरत पड़ने पर ड्यूटी से बाहर मौजूद डॉक्टरों को 15 मिनट के भीतर अस्पताल पहुंचना होगा।


हमीदिया अस्पताल, जेपी जिला अस्पताल और एम्स में जलने, आंखों में चोट लगने और गंभीर मरीजों के इलाज की व्यवस्था की गई है। अस्पतालों में आपातकालीन सर्जरी, ऑक्सीजन और सांस के मरीजों के उपचार की तैयारियां भी की गई हैं।


इमरजेंसी में इलाज के लिए डॉक्टरों की अतिरिक्त टीम भी तैयार

पटाखों से झुलसने, आंखों में बारूद जाने या अन्य गंभीर चोटों के मामलों में उपचार में देरी न हो, इसके लिए अस्पतालों में डॉक्टरों की ड्यूटी निर्धारित की गई है। मरीजों की संख्या बढ़ने पर अतिरिक्त चिकित्सकों को भी बुलाया जाएगा।


गंभीर रूप से घायल मरीजों के लिए ऑपरेशन थिएटर तैयार रखे जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को जरूरत के मुताबिक तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।


अस्थमा और सांस के मरीजों के लिए ऑक्सीजन-वेंटिलेटर की जांच

आतिशबाजी के कारण वायु प्रदूषण बढ़ने से अस्थमा और सांस की दूसरी बीमारियों से पीड़ित लोगों को परेशानी हो सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकारी अस्पतालों में संबंधित विभागों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है।


तैयारियों में इन सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है:

* आईसीयू और आकस्मिक चिकित्सा इकाई की उपलब्धता।

* मेडिसिन, शिशु रोग और श्वसन रोग विभाग की व्यवस्था।

* ऑक्सीजन सिस्टम, नेबुलाइजर और वेंटिलेटर की कार्यशीलता की जांच।

* आपातकालीन उपचार के लिए जरूरी दवाओं की उपलब्धता।

* गंभीर रूप से झुलसे मरीजों के इलाज के लिए बर्न यूनिट की तैयारी।


हमीदिया अस्पताल में रोजाना चलेगी चेस्ट ओपीडी

पटाखों के धुएं से सांस लेने में परेशानी का सामना करने वाले मरीजों को विशेषज्ञों की सेवाएं देने के लिए हमीदिया अस्पताल में रोजाना सांस और छाती रोगों की ओपीडी शुरू की जा रही है।


गांधी मेडिकल कॉलेज के पल्मोनरी विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सक निर्धारित ड्यूटी रोस्टर के अनुसार मरीजों को देखेंगे। गंभीर रूप से झुलसे मरीजों के उपचार के लिए बर्न यूनिट की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया गया है।


सीएमएचओ ने क्या कहा?

भोपाल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा के अनुसार, दिवाली के दौरान जलने की घटनाओं और प्रदूषण से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखते हुए अस्पतालों में डॉक्टरों, उपकरणों, दवाओं और आपातकालीन उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें