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भोपाल में दुर्गा विसर्जन और दशहरे की गाइडलाइन जारी, 5 हजार कर्मचारी संभालेंगे सुरक्षा व्यवस्था

19 अक्टू, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल में दुर्गा विसर्जन और दशहरे की गाइडलाइन जारी, 5 हजार कर्मचारी संभालेंगे सुरक्षा व्यवस्था
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। भोपाल में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन और दशहरे के आयोजनों को सुरक्षित बनाने के लिए नगर निगम ने पहली बार विशेष गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत विसर्जन घाटों और रावण दहन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।


शहर में 7 हजार से अधिक दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन तीन दिनों तक होगा। इसके लिए करीब 5 हजार अधिकारी-कर्मचारी सुरक्षा, साफ-सफाई और विसर्जन की व्यवस्थाएं संभालेंगे।


न्यू मार्केट अग्निकांड के बाद सुरक्षा पर जोर

भोपाल के न्यू मार्केट में 8 अक्टूबर को छोले-भटूरे की दुकान में आग लगने से आसपास की कई दुकानें भी इसकी चपेट में आ गई थीं। इस अग्निकांड में करोड़ों रुपये के नुकसान की बात सामने आई थी।


इस घटना के बाद नगर निगम ने दुर्गा उत्सव समितियों और रावण दहन समितियों के लिए सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोजनों के दौरान आगजनी और अन्य दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए विशेष इंतजाम करने को कहा गया है।


11 प्रमुख घाटों सहित अन्य स्थानों पर विसर्जन की तैयारी

दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए शहर के अलग-अलग घाटों पर व्यवस्थाएं की गई हैं। इनमें खटलापुरा, प्रेमपुरा, बैरागढ़, हथाईखेड़ा, शाहपुरा और आर्च ब्रिज प्रमुख हैं।


इसके अलावा मालीखेड़ी, सीहोर नाका, अनंतपुरा, ईटखेड़ी और नरोन्हा सांकल सहित अन्य प्रमुख घाटों पर भी विसर्जन की व्यवस्था की गई है।


भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग, घाटों पर गोताखोर तैनात

विसर्जन के दौरान लोगों की भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए घाटों पर बैरिकेडिंग की गई है। सुरक्षा और व्यवस्थाओं के संचालन में लगभग 5 हजार अधिकारी-कर्मचारी लगाए जाएंगे।


प्रशासन ने घाटों पर संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए भी इंतजाम किए हैं। प्रमुख व्यवस्थाओं में शामिल हैं:


  1. गोताखोर: प्रत्येक घाट पर तैनाती।

  2. क्रेन और जेसीबी: विसर्जन संबंधी कार्यों के लिए व्यवस्था।

  3. लाइफ जैकेट: पानी में सुरक्षा के लिए उपलब्धता।

  4. सफाई और सुरक्षा: कर्मचारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां।


दशहरे पर रावण दहन स्थलों के लिए भी निर्देश

नगर निगम की गाइडलाइन में रावण दहन समितियों को भी सुरक्षा के जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य आयोजन स्थलों पर किसी तरह की दुर्घटना को रोकना है। दुर्गा विसर्जन तीन दिनों तक चलने और दशहरे के आयोजनों को देखते हुए घाटों तथा रावण दहन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण रहेगी।

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