
भोपाल शहर को मेट्रोपॉलिटन रीजन (BMR) में बदलने की तस्वीर अब पूरी तरह साफ हो गई है। इसके साथ ही राजधानी और आसपास के इलाकों में विकास की रफ्तार तेज होगी। एक ओर आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, तो दूसरी ओर करीब 10 लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
CM ने जारी किया BMR का मैप
केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्री और मुख्यमंत्री ने बीते दिन भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन (BMR) का मैप जारी किया। मैप के अनुसार, बीएमआर करीब 12,099 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला होगा।
6 जिलों के हिस्से होंगे शामिल
बीएमआर में प्रदेश के 6 जिलों के कुछ हिस्से शामिल किए गए हैं। इसमें 12 नगरीय क्षेत्र, 30 तहसील और 2524 गांव को शामिल किया गया है। साथ ही, 15 बड़े औद्योगिक क्षेत्र और कई प्रमुख पर्यटन स्थल भी बीएमआर के दायरे में आएंगे।
रोजगार के खुलेंगे बड़े अवसर
बीएमआर के गठन से औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटन स्थलों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
हालांकि 6 जिलों में से किसी भी जिले के सभी नगरों को बीएमआर में शामिल नहीं किया गया है, जिससे कुछ क्षेत्रों को ट्रांसपोर्टेशन और अन्य विकास कार्यों का सीधा लाभ नहीं मिलेगा। लेकिन शामिल नगरों में आईटी पार्क और स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) विकसित होने से आसपास के लोगों के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
मध्यभारत का आर्थिक केंद्र बनेगा क्षेत्र
यह प्रोजेक्ट भोपाल, रायसेन, नर्मदापुरम, विदिशा, सीहोर और राजगढ़ आसपास के कस्बों को मध्यभारत के प्रमुख आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करेगा।
ये बड़े औद्योगिक क्षेत्र होंगे शामिल
बीएमआर में जिन औद्योगिक क्षेत्रों को शामिल किया गया है, उनमें—
गोविंदपुरा
अचारपुरा इंडस्ट्रियल एरिया
टेक्सटाइल पार्क
बगरौदा
आईटी पार्क
सीहोर जिले के—
बड़ियाखेड़ी
बुधनी औद्योगिक क्षेत्र
रायसेन जिले के—
आष्टा एग्रो प्रोसेसिंग
पचामा मंडीदीप
प्लास्टिक पार्क तामोट
नर्मदापुरम जिले के—
फूड पार्क बाबई
मोहासा बाबई एनर्जी पार्क
राजगढ़ का—
पीलूखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र
और विदिशा का—
जांबर बांगरी औद्योगिक क्षेत्र
शामिल हैं।
MSME और क्लस्टर से बढ़ेगा रोजगार
बीएमआर में 6 से अधिक MSME औद्योगिक पार्क और क्लस्टर शामिल किए गए हैं।
इससे—
विनिर्माण
आईटी
लॉजिस्टिक्स
वस्त्र उद्योग
खाद्य प्रसंस्करण
इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण
पर्यटन
जैसे क्षेत्रों में करीब 10 लाख रोजगार सृजित होने की संभावना है।
मेट्रोपॉलिटन रीजन के लिए निगम का नया सेटअप
भोपाल को मेट्रोपॉलिटन रीजन बनाने की दिशा में नगरीय प्रशासन संचालनालय ने एक और कदम आगे बढ़ाया है।
संचालनालय ने नगर निगम कमिश्नर को पत्र जारी कर बीएमसी में कार्यरत सभी इंजीनियर्स की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
इंजीनियरों को मिलेंगी नई जिम्मेदारियां
मेट्रोपॉलिटन रीजन में इंजीनियर वर्ग को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी जाएंगी, चार बिल्डिंग परमिशन सेल बनाई जाएंगी। सिविल कैडर से चार सिटी प्लानर नियुक्त होंगे। सीवेज, पार्किंग, रोड, ट्रैफिक और लाइटिंग के लिए अलग-अलग कार्यपालन यंत्री तय किए जाएंगे
कैबिनेट में होगी मसौदे पर चर्चा
फिलहाल शहर 85 वार्डों में कामचलाऊ व्यवस्था पर चल रहा है। नगरीय प्रशासन विभाग के इस मसौदे पर कैबिनेट बैठक में चर्चा होगी। मंजूरी मिलते ही नया सिस्टम लागू किया जाएगा।
लंबित प्रोजेक्ट्स को मिलेगी रफ्तार
नए सिस्टम के लागू होने से नगर निगम के लंबित प्रोजेक्ट्स में तेजी आएगी। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों में नगर निगम का नीचे आना भी कम इंजीनियर और ठप विकास कार्यों की वजह माना जा रहा है, जिसे लेकर नगर परिषद की बैठक में पार्षदों ने भी सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था।
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