
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल ने निर्यात के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पिछले चार वर्षों में जिले का निर्यात 118 प्रतिशत से अधिक बढ़कर ₹1,062.89 करोड़ से ₹2,323.58 करोड़ तक पहुंच गया है। यह वृद्धि भोपाल की औद्योगिक क्षमता और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ते भरोसे का संकेत मानी जा रही है।
कृषि और इंजीनियरिंग सेक्टर बने विकास की ताकत
भोपाल के निर्यात में सबसे बड़ा योगदान कृषि एवं खाद्य उत्पादों के साथ इंजीनियरिंग और विनिर्माण क्षेत्र का रहा है। वैश्विक बाजारों में बढ़ती मांग ने जिले को मध्यप्रदेश के प्रमुख निर्यात केंद्रों में शामिल कर दिया है।
केले से बासमती तक... दुनिया में बढ़ी मांग
जिले से निर्यात होने वाले ताजे केले, बासमती चावल, सोयाबीन मील और अंगूर जैसे कृषि उत्पादों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत पहचान बनाई है। इससे किसानों और कृषि आधारित उद्योगों को नए व्यापारिक अवसर मिल रहे हैं।
ट्रांसफार्मर और टरबाइन के पुर्जों की भी बढ़ी मांग
इंजीनियरिंग एवं विनिर्माण क्षेत्र में बने पावर ट्रांसफार्मर, टरबाइन, जनरेटर के पुर्जे, विद्युत उपकरण और बेयरिंग हाउसिंग जैसे उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। इन उत्पादों ने भोपाल को वैश्विक सप्लाई चेन में मजबूत स्थान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।
अमेरिका से इराक तक पहुंच रहे भोपाल के उत्पाद
भोपाल में तैयार उत्पाद अब संयुक्त राज्य अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, संयुक्त अरब अमीरात, इराक, केन्या, बांग्लादेश, नेपाल, उज्बेकिस्तान और मिस्र जैसे देशों में निर्यात किए जा रहे हैं। इससे जिले की अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक पहुंच लगातार बढ़ रही है।
कलेक्टर बोले- समन्वित प्रयासों का मिला परिणाम
कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि यह उपलब्धि उद्योगों, निर्यातकों और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों का नतीजा है। उनके अनुसार जिला प्रशासन, एमएसएमई विभाग, एमपीआईडीसी और डीजीएफटी के सहयोग से स्थानीय उद्योगों को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है, ताकि आने वाले वर्षों में भोपाल देश के अग्रणी निर्यात हब के रूप में और मजबूत पहचान बना सके।
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