
भोपाल में नकली नोटों के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। कोहेफिजा पुलिस ने पश्चिम बंगाल के एक युवक को गिरफ्तार कर उसके पास से 500 रुपए के 280 नकली नोट बरामद किए हैं। इनकी कुल कीमत करीब 1.40 लाख रुपए बताई जा रही है। आरोपी खुद को MBBS डॉक्टर बता रहा था, लेकिन पुलिस जांच में उसके तार नकली करेंसी और साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़ते नजर आ रहे हैं। मामले में विदेशी मोबाइल नंबर मिलने के बाद जांच और गंभीर हो गई है।
सैफिया कॉलेज ग्राउंड के पास हुई गिरफ्तारी
कोहेफिजा थाना पुलिस को बुधवार दोपहर सूचना मिली थी कि सैफिया कॉलेज ग्राउंड के पास एक युवक कम कीमत में नकली नोट बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर युवक को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम सैफुल इस्लाम (27) निवासी पश्चिम बंगाल बताया। आरोपी के पास से नकली नोटों के अलावा एक आईफोन, पेन ड्राइव और विदेशी सीरीज का मोबाइल नंबर भी मिला।
2024 से कर रहा था नकली नोटों का कारोबार
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह वर्ष 2024 से नकली नोटों के कारोबार में सक्रिय है। वह पहले भी दो बार भोपाल आकर फर्जी नोट बाजार में चला चुका है। आरोपी मई 2025 से भोपाल की गुलमोहर कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहा था। इसी दौरान उसने शादी भी कर ली थी। पुलिस अब उसके स्थानीय संपर्कों की भी जांच कर रही है।
60 हजार में खरीदी नकली करेंसी
आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह करीब 2 लाख रुपए की नकली करेंसी सिर्फ 60 हजार रुपए में खरीदकर लाया था। उसने पिछले 10 दिनों में लगभग 60 हजार रुपए के नकली नोट बाजार में खपाने की बात भी स्वीकार की है। आरोपी भोपाल में लोगों को 300 रुपए असली लेकर बदले में 500 रुपए का नकली नोट देता था।
पाकिस्तान और नेपाल कनेक्शन की जांच
पुलिस के मुताबिक जब्त नोट ऐसे कागज पर छपे हैं, जिनका इस्तेमाल पाकिस्तान और नेपाल में होने वाली करेंसी जैसे पेपर में किया जाता है। यही वजह है कि अब मामले की जांच अंतरराज्यीय के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय एंगल से भी की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नोट कहां छापे गए और इनका नेटवर्क कितना बड़ा है।
विदेशी नंबर और साइबर ठगी से जुड़ रहे तार
जांच में आरोपी के मोबाइल फोन से विदेशी नंबरों पर बातचीत के संकेत मिले हैं। पुलिस को शक है कि आरोपी साइबर ठगों को फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम भी करता था। शुरुआती जांच में कुछ संदिग्ध डिजिटल गतिविधियां भी सामने आई हैं। इसी वजह से पुलिस को संदेह है कि आरोपी किसी विशेष विचारधारा या बड़े संगठित नेटवर्क से प्रभावित हो सकता है। हालांकि, इस एंगल पर आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
7 दिन की रिमांड पर आरोपी
पूरे मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर 7 दिन की रिमांड पर लिया है। अब उससे पूछताछ कर उसके नेटवर्क, फंडिंग और अन्य साथियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
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