शुक्रवार, 31 जुलाई 2026
Logo
Madhaya Pradesh

भोपाल में फर्जी पुलिस बनकर वसूली करने वाले दो युवक गिरफ्तार, नकली पिस्टल बरामद, बोले- प्रैंक कर रहे थे

31 जुल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल में फर्जी पुलिस बनकर वसूली करने वाले दो युवक गिरफ्तार, नकली पिस्टल बरामद, बोले- प्रैंक कर रहे थे
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल के शाहपुरा थाना क्षेत्र में खुद को पुलिसकर्मी बताकर राहगीरों से रुपये वसूलने वाले दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कार्रवाई के दौरान एक आरोपी के पास से नकली पिस्टल भी मिली, जिसे जब्त कर लिया गया।


घटना गुरुवार रात करीब 9:30 बजे शाहपुरा चौराहे की है। पुलिस का कहना है कि दोनों युवक सिविल ड्रेस में वाहन चालकों को रोककर हेलमेट और अन्य यातायात नियमों का डर दिखाते थे तथा मौके पर ही पैसे मांगते थे। इस मामले में शुक्रवार को विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।


सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस

शाहपुरा थाना प्रभारी संतोष मकराम के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि दो युवक सड़क पर पुलिसकर्मी बनकर वाहनों की जांच कर रहे हैं और लोगों से वसूली कर रहे हैं। सूचना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों को हिरासत में ले लिया।


पूछताछ में सामने आई आरोपियों की पहचान

गिरफ्तार युवकों की पहचान अमान खान और कार्तिक मिश्रा के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआत में दोनों ने खुद को कोहेफिजा थाने में पदस्थ पुलिसकर्मी बताया, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर यह दावा गलत निकला। अमान खान ने खुद को एमपी नगर स्थित एक आईटी कंपनी में एचआर बताया। कार्तिक मिश्रा ने कहा कि वह एलएलबी की पढ़ाई कर रहा है। अमान खान की तलाशी में उसकी कमर से नकली पिस्टल बरामद हुई।


राहगीरों ने मौके पर बनाए वीडियो

घटना के दौरान मौजूद लोगों ने दोनों युवकों के वीडियो भी रिकॉर्ड किए। वीडियो में लोग उनसे पूछते दिखाई देते हैं कि वे किस थाने से हैं और अपना आईडी कार्ड दिखाएं। कुछ लोगों ने यह सवाल भी उठाया कि जब वे खुद बिना हेलमेट बाइक चला रहे हैं तो दूसरों को किस अधिकार से रोक रहे हैं। वीडियो में सड़क पर वाहन जांच की अनुमति को लेकर भी उनसे सवाल किए गए और पुलिस बुलाने की बात कही गई।


हेलमेट का डर दिखाकर मांगते थे पैसे

प्रारंभिक जांच में पुलिस के सामने आया कि दोनों आरोपी सिविल ड्रेस में वाहन चालकों को रोकते थे। हेलमेट नहीं पहनने या अन्य यातायात नियमों का हवाला देकर कार्रवाई का डर दिखाते और मौके पर ही रुपये मांगते थे। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी वाहन चालक का वैधानिक चालान नहीं काटा गया।


'प्रैंक' का दावा पुलिस ने किया खारिज

गिरफ्तारी के बाद आरोपियों ने कहा कि वे लोगों के साथ केवल प्रैंक कर रहे थे। थाना प्रभारी संतोष मकराम के अनुसार यह दावा जांच में सही नहीं पाया गया। मौके पर कोई वीडियो शूट नहीं हो रही थी और ऐसा कोई साक्ष्य भी नहीं मिला, जिससे प्रैंक की बात साबित हो सके।


कॉल डिटेल और पुराने रिकॉर्ड की होगी जांच

पूछताछ में आरोपियों ने कहा कि उन्होंने पहली बार ऐसा किया है, लेकिन पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है। जांच के तहत दोनों की CDR (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) निकलवाई जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल रहे हैं या नहीं। 


पुलिस के अनुसार अमान खान के खिलाफ पहले से मारपीट का एक मामला दर्ज है, जबकि कार्तिक मिश्रा का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। जांच इस पहलू पर भी केंद्रित है कि दोनों ने अब तक कितने लोगों से फर्जी पुलिस बनकर वसूली की और कितनी रकम हासिल की।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें