
भोपाल। राजधानी भोपाल में 14 सितंबर को हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी एक ही दिन मनाई जाएगी। महिलाओं के निर्जला व्रत से शुरू होने वाला दिन गणेश प्रतिमाओं की स्थापना और शाम के शिव-पार्वती पूजन तक धार्मिक आयोजनों से भरा रहेगा।
शहर में 300 से अधिक बड़े गणेश पंडाल तैयार हैं, जबकि 700 से ज्यादा छोटी झांकियां बनाई गई हैं। गणेश स्थापना के लिए शुभ समय सुबह 11.02 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक रहेगा।
एक दिन में तीन प्रमुख धार्मिक आयोजन
तिथि भेद के चलते इस बार हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का संयोग बना है। सुबह महिलाएं निर्जला व्रत रखेंगी और शाम को प्रदोष काल में भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन करेंगी। इसके बाद रातभर जागरण और पूजा-अर्चना का सिलसिला चलेगा। इसी दिन शुभ मुहूर्त में घरों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी।
गणेश स्थापना के लिए यह है शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक 14 सितंबर की सुबह 7.06 बजे तक तृतीया तिथि रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि प्रारंभ होगी।
गणेश प्रतिमा स्थापना के लिए निर्धारित समय:
- शुभ मुहूर्त: सुबह 11.02 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक
- स्थापना: घरों और सार्वजनिक गणेश पंडालों में
- हरतालिका पूजन: प्रदोष काल में
300 से ज्यादा बड़े पंडाल, 700 से अधिक झांकियां
गणेश उत्सव को लेकर भोपाल में तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। शहर के अलग-अलग हिस्सों में बड़े पंडाल सजाए गए हैं और छोटी झांकियां भी तैयार की गई हैं। रविवार सुबह से ही कई इलाकों में गणेश प्रतिमाओं की अगवानी शुरू हो गई थी। सोमवार को विधि-विधान के साथ प्रतिमाओं की स्थापना की जाएगी।
इन इलाकों में सजी गणेश प्रतिमाओं की दुकानें
टीटी नगर, जहांगीराबाद, जवाहर चौक, कोलार, मंगलवारा और बरखेड़ा पठानी सहित कई क्षेत्रों में गणेश प्रतिमाओं की दुकानें लगी हैं। रविवार को लोग घरों और सार्वजनिक पंडालों के लिए प्रतिमाएं खरीदते दिखाई दिए।
तीज की खरीदारी से बाजारों में बढ़ी रौनक
हरतालिका तीज के चलते रविवार को न्यू मार्केट, दस नंबर और शहर के अन्य प्रमुख बाजारों में महिलाओं की भीड़ रही। साज-श्रृंगार और पूजा से जुड़ी वस्तुओं की खरीदारी हुई। चूड़ी, मेहंदी, साड़ी और अन्य श्रृंगार सामग्री की दुकानों पर भी खास रौनक देखने को मिली।
15 सितंबर को ऋषि पंचमी, 19 को राधा अष्टमी
हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी के बाद धार्मिक पर्वों का क्रम जारी रहेगा।
15 सितंबर: ऋषि पंचमी, सप्त ऋषियों और अरुंधती का पूजन
19 सितंबर: राधा अष्टमी
इस तरह भोपाल में सितंबर के इन दिनों में लगातार धार्मिक आयोजनों का सिलसिला बना रहेगा।
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