मंगलवार, 12 मई 2026
Logo
Madhaya Pradesh

भोपाल में 50 IAS-IPS अफसरों ने एक ही दिन में खरीदी खेती की जमीन, 11 महीनों में आसमान पर पहुंचे दाम

12 मई, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल में 50 IAS-IPS अफसरों ने एक ही दिन में खरीदी खेती की जमीन, 11 महीनों में आसमान पर पहुंचे दाम
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। राजधानी भोपाल के कोलार इलाके का गुराड़ी घाट गांव इन दिनों एक हाई-प्रोफाइल जमीन सौदे को लेकर चर्चा में है। यहां देशभर के करीब 50 IAS और IPS अफसरों ने एक ही दिन खेती की जमीन खरीदी और कुछ ही समय बाद उस इलाके की तस्वीर बदल गई। 


एक दिन में हुई करोड़ों की जमीन खरीद

दस्तावेजों के अनुसार, 4 अप्रैल 2022 को गुराड़ी घाट गांव में करीब 2.023 हेक्टेयर खेती की जमीन की सामूहिक रजिस्ट्री हुई। इस जमीन को करीब 50 लोगों ने मिलकर खरीदा। रजिस्ट्री दस्तावेज में इसकी कीमत 5.5 करोड़ रुपए दर्ज की गई, जबकि बाजार मूल्य करीब 7.78 करोड़ रुपए बताया गया। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि आईपीआर रिकॉर्ड में इसे ‘like-minded officers’ यानी समान सोच वाले अफसरों की संयुक्त प्रॉपर्टी बताया गया।


सिर्फ एमपी नहीं, कई राज्यों के अफसर शामिल

पड़ताल में सामने आया कि इस निवेश में सिर्फ मध्य प्रदेश कैडर के अफसर ही नहीं थे। महाराष्ट्र, तेलंगाना, हरियाणा कैडर और दिल्ली में पदस्थ कई IAS-IPS अधिकारी भी इस खरीद का हिस्सा बताए जा रहे हैं। दस्तावेजों के मुताबिक, 50 हिस्सों के पीछे वास्तविक खरीदारों की संख्या 41 है। इससे यह डील और ज्यादा चर्चा में आ गई है।


16 महीने बाद मंजूर हुआ 3200 करोड़ का बायपास

जमीन खरीद के करीब 16 महीने बाद, यानी 31 अगस्त 2023 को राज्य कैबिनेट ने 3200 करोड़ रुपए के वेस्टर्न बायपास प्रोजेक्ट को मंजूरी दी। मौजूदा प्रस्तावित रूट के हिसाब से यह बायपास खरीदी गई जमीन से करीब 500 मीटर की दूरी पर गुजरने वाला है। 


फिर बदला लैंड यूज, बढ़ गई कीमत

जब जमीन खरीदी गई थी, तब उसका उपयोग कृषि भूमि के रूप में था। लेकिन बायपास मंजूर होने के करीब 10 महीने बाद, यानी जून 2024 में उसका लैंड यूज बदलकर रिहायशी कर दिया गया। यहीं से जमीन की कीमतों में विस्फोटक बढ़ोतरी शुरू हुई।


81 रुपए से 3000 रुपए प्रति वर्गफीट तक पहुंची कीमत

साल 2022 में करीब 5 एकड़ जमीन लगभग ₹81.75 प्रति वर्गफीट की दर से खरीदी गई थी। डायवर्जन के बाद जून 2024 में इसकी कीमत बढ़कर करीब ₹557 प्रति वर्गफीट पहुंच गई। यानि जमीन का मूल्य बढ़कर करीब ₹12.13 करोड़ हो गया। लेकिन मौजूदा बाजार दर इससे भी कहीं ज्यादा बताई जा रही है। इलाके में अभी इसी जमीन की कीमत करीब ₹2500 से ₹3000 प्रति वर्गफीट आंकी जा रही है। इस हिसाब से कुल जमीन की कीमत अब करीब ₹55 करोड़ से ₹65 करोड़ के बीच पहुंच चुकी है।


अब तक नहीं बनी सोसायटी

जानकारी के मुताबिक, इतनी बड़ी जमीन खरीद के बावजूद अब तक इसके लिए कोई हाउसिंग सोसायटी रजिस्टर्ड नहीं हुई है।


नियमों के अनुसार, किसी भी रिहायशी प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले जमीन को सोसायटी के नाम ट्रांसफर करना होगा या फिर प्लॉटिंग की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यही वजह है कि अब इस पूरे निवेश और उसके समय को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें