
भोपाल। राजधानी भोपाल के आसपास का औद्योगिक क्षेत्र अब पारंपरिक भारी इंजीनियरिंग तक सीमित नहीं रहेगा। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़ और नर्मदापुरम के करीब 50 किलोमीटर के बेल्ट में अलग-अलग सेक्टर के औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं।
इस क्षेत्र में 88 विकसित इंडस्ट्रियल पार्क मौजूद हैं, जबकि 51 से ज्यादा नए औद्योगिक क्षेत्र तैयार किए जा रहे हैं। इनमें गारमेंट, प्लास्टिक, फर्नीचर, लॉजिस्टिक्स, पावर और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे सेक्टर शामिल हैं।
अचारपुरा से तामोट तक सेक्टर आधारित क्लस्टर
भोपाल के औद्योगिक विस्तार में अब अलग-अलग क्षेत्रों को विशिष्ट उद्योगों के लिए विकसित करने की दिशा में काम हो रहा है।
अचारपुरा: गारमेंट-टेक्सटाइल क्लस्टर
तामोट: प्लास्टिक-पॉलिमर क्लस्टर
बड़ियाखेड़ी-आष्टा: लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग हब
बगरोदा: नए औद्योगिक क्लस्टर के रूप में विकास
इस बदलाव में पुराने औद्योगिक क्षेत्रों के रिडेवलपमेंट के साथ नई इंडस्ट्री के लिए नए क्षेत्र तैयार करना भी शामिल है।
शहर की खाली जमीन भी इंडस्ट्री प्लान में
औद्योगिक विकास का दायरा अब शहर से बाहर की जमीन तक ही सीमित नहीं रखा जा रहा है। एमपी इंडस्ट्री डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एमपीआईडीसी) के एमडी चंद्रमौली शुक्ला के अनुसार, प्रदेश में पहली बार पुरानी इंडस्ट्रीज के रिडेवलपमेंट के साथ नई इंडस्ट्री विकसित करने पर भी काम हो रहा है। इसी योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में उपलब्ध खाली जमीन को भी औद्योगिक प्लान में शामिल किया गया है।
सतगढ़ी और मिनाल क्षेत्र में भी योजना
भोपाल में सतगढ़ी और मिनाल के आसपास की खाली जमीन को शहर की जरूरतों के मुताबिक नए इंडस्ट्रियल एरिया के विकास के लिए इस्तेमाल करने की योजना है। सतगढ़ी में पहले से ही बड़े औद्योगिक विकास की दिशा में काम चल रहा है, जहां लाइट इंडस्ट्री से लेकर एमएसएमई और वेयरहाउसिंग जैसी गतिविधियों के लिए क्षेत्र विकसित किया जा रहा है।
बैरसिया में एग्रो-फूड प्रोसेसिंग हब
भोपाल ग्रामीण क्षेत्र के बैरसिया में 33.61 हेक्टेयर जमीन पर नया औद्योगिक हब प्रस्तावित है। यहां एग्रो-प्रोसेसिंग, लाइट इंजीनियरिंग और फूड पैकेजिंग से जुड़ी इकाइयां विकसित करने की योजना है। 2026 के अंत तक भूखंड आवंटित कर निर्माण शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे करीब 1,500 से 2,000 रोजगार के अवसर बनने का अनुमान है।
सतगढ़ी में ऑटो और एमएसएमई क्लस्टर
भोपाल सीमा के पास सतगढ़ी में 69.91 हेक्टेयर क्षेत्र में लाइट इंडस्ट्री, ऑटो एंसिलरी, असेंबलिंग यूनिट, वेयरहाउसिंग और एमएसएमई क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। इस क्षेत्र को 2026-27 के मध्य तक तैयार करने की योजना है। यहां करीब 3,000 से 4,000 रोजगार पैदा होने का लक्ष्य है।
एयरपोर्ट के पास बड़वई में टेक्नोलॉजी हब
राजा भोज एयरपोर्ट के नजदीक बड़वई में औद्योगिक विकास का फोकस आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स पर रहेगा। यहां इलेक्ट्रॉनिक्स असेंबलिंग, डेटा सेंटर, IT-ITES और टेक स्टार्टअप के लिए प्लग एंड प्ले सुविधाएं विकसित की जाएंगी। योजना के मुताबिक 2026-27 तक कंपनियों को ऑपरेशनल करने की तैयारी है। इस हब से करीब 4,000 से 5,000 रोजगार मिलने का अनुमान है।
तीन हब में 11 हजार तक रोजगार का लक्ष्य
बैरसिया, सतगढ़ी और बड़वई में प्रस्तावित विकास योजनाओं से कुल मिलाकर 11 हजार तक रोजगार के अवसर तैयार होने की उम्मीद है। इनमें बैरसिया में 33.61 हेक्टेयर क्षेत्र में एग्रो-प्रोसेसिंग, लाइट इंजीनियरिंग और फूड पैकेजिंग से जुड़ी इकाइयां विकसित की जाएंगी। यहां 1,500 से 2,000 रोजगार के अवसर बनने का अनुमान है। सतगढ़ी में 69.91 हेक्टेयर क्षेत्र में लाइट इंडस्ट्री, ऑटो एंसिलरी, असेंबलिंग, वेयरहाउसिंग और एमएसएमई गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इस हब से 3,000 से 4,000 रोजगार मिलने की उम्मीद है।
बड़वई में एयरपोर्ट के पास इलेक्ट्रॉनिक्स असेंबलिंग, डेटा सेंटर, IT-ITES और टेक स्टार्टअप के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस हब से 4,000 से 5,000 रोजगार के अवसर तैयार होने का लक्ष्य है।
भोपाल से आसपास के जिलों तक फैलेगा औद्योगिक नेटवर्क
पूरे क्षेत्र में प्लास्टिक, गारमेंट, फर्नीचर और लॉजिस्टिक्स के साथ पावर व रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों को भी जगह दी जा रही है। इससे भोपाल और आसपास के जिलों में औद्योगिक गतिविधियों को अलग-अलग सेक्टर के हिसाब से विकसित करने की दिशा में विस्तार हो रहा है।
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