
भोपाल के ISBT बस अग्निकांड की जांच में वर्मा ट्रेवल्स की उस बस के डीजल टैंक का कैप नहीं मिला, जिसमें सबसे पहले आग लगी थी। घटनास्थल पर बस की बॉडी और पीछे की डिक्की के नीचे ज्वलनशील पदार्थ जैसी गंध भी दर्ज की गई है।
फॉरेंसिक टीम ने जले हुए अवशेष और कार्बन के नमूने जुटाकर जांच के लिए सागर स्थित फॉरेंसिक लैब भेजे हैं। पुलिस ने वर्मा ट्रेवल्स के संचालक दीपक वर्मा की लिखित शिकायत पर वॉल्वो बसों में आग लगने के मामले में FIR दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
जिस बस में पहले लगी आग, उसके डीजल टैंक पर सवाल
जांच के दौरान वर्मा ट्रेवल्स की बस नंबर MP 04 YL 8818 में डीजल टैंक का ढक्कन गायब मिला। टैंक के मुंह को फोम के टुकड़ों से बंद करने की कोशिश किए जाने की बात भी सामने आई है।
बस के पिछले हिस्से में डिक्की के नीचे मौजूद मिट्टी और गाड़ी की बॉडी पर ज्वलनशील पदार्थ जैसी गंध महसूस की गई। फॉरेंसिक टीम प्रमुख एके बरोनिया और गोविंदपुरा थाना प्रभारी अवधेश तोमर ने मौके पर गंध की जांच कर अपनी सहमति के बाद इस बिंदु को रिकॉर्ड में दर्ज कराया।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए जले हुए अवशेष और कार्बन सैंपल
घटना की पड़ताल के लिए फॉरेंसिक टीम ISBT पहुंची और सबसे पहले उसी बस की जांच की, जिसमें आग लगने की शुरुआत हुई थी। इसके बाद गोविंदपुरा थाना प्रभारी की मौजूदगी में अन्य गाड़ियों का भी क्रमवार निरीक्षण किया गया।
जांच अधिकारियों ने जले हुए अवशेष और कार्बन के नमूने एकत्र किए। सभी नमूनों को पॉलिथीन में पैक करके सागर फॉरेंसिक लैब भेज दिया गया है, जहां उनकी जांच की जाएगी।
डीजल टैंक का कैप किसने हटाया? कर्मचारियों से पूछताछ
टैंक का ढक्कन गायब मिलने के बाद वर्मा ट्रेवल्स के सर्विस सुपरवाइजर रईस खान, इलेक्ट्रीशियन और मैनेजर को मौके पर बुलाया गया। अधिकारियों ने उनसे टैंक को फोम के टुकड़ों से बंद करने के बारे में जानकारी मांगी।
कर्मचारी इस व्यवस्था के बारे में स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। कुछ कर्मचारियों ने इसे सामान्य प्रक्रिया बताते हुए कहा कि कई गाड़ियों में टैंक के ढक्कन नहीं होते और गैस बनने से विस्फोट का खतरा रोकने के लिए फोम या पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाली दूसरी सामग्री से टैंक को बंद किया जाता है।
इग्निशन स्विच और मेन चाबी को लेकर भी पूछे गए सवाल
फॉरेंसिक टीम ने सर्विस सुपरवाइजर रईस खान और इलेक्ट्रीशियन से यह भी पूछा कि इग्निशन स्विच और गाड़ी की मुख्य चाबी निकालने के बाद भी क्या इलेक्ट्रिक सप्लाई जारी रह सकती है।
पूछताछ के दौरान इलेक्ट्रीशियन जवाब दे रहा था, तभी दूसरे कर्मचारियों ने उसे कोहनी मारकर इशारा करने की कोशिश की। टीम प्रमुख एके बरोनिया ने इस व्यवहार पर नाराजगी जताई और कर्मचारियों को स्पष्ट जवाब देने की चेतावनी दी।
घटना वाली शाम नादरा बस स्टैंड पर होने की बात
पूछताछ के दौरान सर्विस सुपरवाइजर रईस खान ने कहा कि घटना वाली शाम वह नादरा बस स्टैंड पर मौजूद था। डीजल टैंक का कैप किसने निकाला और उसे फोम से बंद करने की व्यवस्था किसने की, इस बारे में कर्मचारियों की ओर से स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी।
फॉरेंसिक जांच में सामने आए इन बिंदुओं की पुष्टि नमूनों की रिपोर्ट और पुलिस की आगे की पड़ताल से होनी बाकी है।
दीपक वर्मा की शिकायत पर FIR दर्ज
गोविंदपुरा थाना प्रभारी अवधेश कुमार ने बताया कि वर्मा ट्रेवल्स के संचालक दीपक वर्मा की लिखित शिकायत मिलने के बाद वॉल्वो गाड़ियों में आग लगने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच जारी है। फॉरेंसिक नमूनों की रिपोर्ट और पूछताछ से आग लगने की परिस्थितियों के बारे में आगे जानकारी मिलने की उम्मीद है।
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