गुरुवार, 13 अगस्त 2026
Logo
Madhaya Pradesh

भोपाल में जैन डेयरी से 116 किलो पनीर जब्त, एनालॉग पनीर की आशंका पर लैब भेजे गए सैंपल

13 अग, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल में जैन डेयरी से 116 किलो पनीर जब्त, एनालॉग पनीर की आशंका पर लैब भेजे गए सैंपल
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। राजधानी भोपाल में पनीर की गुणवत्ता को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। देर रात तक चली कार्रवाई में जैन डेयरी से 116 किलो पनीर जब्त किया गया।


जब्त पनीर की अनुमानित कीमत 34,800 रुपए बताई गई है। इसके नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी वास्तविक संरचना व गुणवत्ता पर अंतिम निर्णय होगा।


जैन डेयरी में जांच के दौरान हुई जब्ती

खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने भोपाल की जैन डेयरी का निरीक्षण किया। प्रतिष्ठान पर मौजूद पनीर की गुणवत्ता और उसके स्वरूप को लेकर संदेह होने पर विभाग ने उसे अपने कब्जे में ले लिया।

- जब्त मात्रा: 116 किलो

- अनुमानित कीमत: 34,800 रुपए

- स्थान: जैन डेयरी, भोपाल

- कार्रवाई: पनीर के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए


एनालॉग पनीर की बिक्री पर नियमों के तहत नजर

मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने ऐसे उत्पादों की जांच शुरू की है। विभाग खाद्य सुरक्षा मानकों और प्रतिबंधात्मक प्रावधानों के तहत यह भी देख रहा है कि वैकल्पिक या एनालॉग उत्पाद को पनीर के नाम से तो नहीं बेचा जा रहा। किसी दूसरे उत्पाद को वास्तविक पनीर के तौर पर पेश करना खाद्य सुरक्षा और लेबलिंग से जुड़े नियमों का उल्लंघन हो सकता है। इसी आधार पर निरीक्षण और नमूना जांच की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।


लैब रिपोर्ट से साफ होगी पनीर की वास्तविक स्थिति

जैन डेयरी से जब्त सामग्री को अभी एनालॉग पनीर घोषित नहीं किया गया है। विभाग ने प्रयोगशाला परीक्षण के परिणाम आने तक अंतिम निष्कर्ष रोक रखा है। लैब रिपोर्ट से खाद्य पदार्थ की संरचना और गुणवत्ता का पता चलेगा। इसके बाद ही यह तय होगा कि जब्त पनीर खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप है या नहीं।


मानक पूरे नहीं हुए तो कानूनी कार्रवाई

यदि जांच में नमूना निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरता है या उसमें पनीर के बजाय किसी अन्य वसा अथवा वनस्पति वसा आधारित उत्पाद के इस्तेमाल की पुष्टि होती है, तो विभाग आगे वैधानिक कार्रवाई करेगा। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और उससे संबंधित नियमों एवं विनियमों के तहत की जाएगी।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें