
भोपाल में आवासीय भवनों के व्यावसायिक इस्तेमाल और अवैध निर्माण पर नगर निगम की कार्रवाई के बीच कोलार व्यापारी महासंघ ने बुधवार को बाजार बंद रखने का फैसला किया है। व्यापारी दुकानें बंद करने के साथ सड़क पर उतरकर सीलिंग कार्रवाई का विरोध करेंगे।
महासंघ ने कोलार तिराहे से गोल जोड़ तक सभी प्रतिष्ठान बंद रखने का आह्वान किया है। मेडिकल और पेट्रोल पंप जैसी इमरजेंसी सेवाओं को बंद से बाहर रखा गया है। दूसरी तरफ नगर निगम भी लगातार तीसरे दिन प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा।
अब तक 170 प्रतिष्ठान बंद कराए गए
नगर निगम की कार्रवाई के तहत अब तक 170 प्रतिष्ठान बंद कराए जा चुके हैं। निगम की टीम तीसरे दिन भी इसी अभियान को आगे बढ़ाएगी। कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में नाराजगी बनी हुई है। मंगलवार को व्यापारियों ने करीब चार घंटे तक रोशनपुरा चौराहे पर प्रदर्शन किया था।
महासंघ ने सीलिंग कार्रवाई पर उठाए सवाल
कोलार व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष सुनील सिंह का कहना है कि सीलिंग की कार्रवाई उचित नहीं है। उनके मुताबिक इस कार्रवाई से कारोबारियों के सामने गंभीर स्थिति पैदा हुई है और कई व्यापारी प्रभावित हुए हैं। इसी विरोध में महासंघ ने बाजार बंद और प्रदर्शन का निर्णय लिया है।
सुप्रीम कोर्ट में रखी जाएगी पूरी रिपोर्ट
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाले रहवासी विवेक त्रिपाठी ने निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कार्रवाई केवल छोटे कारोबारियों तक सीमित है, जबकि बड़े और प्रभावशाली लोगों को इससे बाहर रखा जा रहा है।
त्रिपाठी के अनुसार नगर निगम की कार्रवाई वास्तविक कार्रवाई के बजाय केवल दिखावे तक सीमित है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पूरी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में रखी जाएगी।
15 सितंबर को होनी है अगली सुनवाई
भोपाल में आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग और अवैध निर्माण से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त के पहले सप्ताह में सुनवाई की थी। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार की ओर से बनाई गई 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। अदालत ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से दुकान संचालकों को मिले सभी राहत आदेश यानी स्टे ऑर्डर भी निरस्त कर दिए थे।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि उसके निर्देश पर चल रही जांच में किसी तरह का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को निर्धारित है।
निगम को सुप्रीम कोर्ट में देनी है कार्रवाई की रिपोर्ट
अगली सुनवाई से पहले नगर निगम को अपनी कार्रवाई की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश करनी है। इसी प्रक्रिया के तहत नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। पिछले चार दिन से व्यापारियों को नोटिस नहीं दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि नोटिस जारी करने के बाद मामलों का परीक्षण किया जा रहा है।
मुख्य सड़कों से गलियों तक सर्वे
नगर निगम ने मुख्य मार्गों के दोनों तरफ के प्रतिष्ठानों के साथ उनसे जुड़ी गलियों में भी सर्वे शुरू कर दिया है। जांच का दायरा केवल बाजारों तक सीमित नहीं रखा गया है। नदी और तालाब के किनारे बने भवनों के अलावा ग्रीन बेल्ट, बफर जोन और कैचमेंट एरिया में बने निर्माणों की प्राथमिकता के आधार पर जांच की जाएगी। अवैध मैरिज गार्डन को भी नोटिस जारी किए जाएंगे।
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