
भोपाल में लंबे समय से भूमि अधिग्रहण की वजह से प्रभावित विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रशासन नया विकल्प तैयार कर रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत जमीन मालिकों को अधिग्रहित भूमि के बदले 50-50 लैंड पूलिंग मॉडल का लाभ देने की योजना बनाई जा रही है।
यदि भू-स्वामी इस प्रस्ताव पर सहमत होते हैं तो जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में नया मॉडल लागू हो सकता है। इससे सड़क, मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परियोजनाओं में आ रही बाधाओं को कम करने की उम्मीद है।
लैंड पूलिंग में क्या होगा?
प्रस्ताव के अनुसार परियोजना क्षेत्र से जुड़ी भूमि का एक हिस्सा विकास एजेंसी विकसित करेगी। इसके बाद विकसित भूखंड का हिस्सा संबंधित भूमि स्वामी को वापस मिलेगा। इस व्यवस्था के बाद भू-स्वामी अपनी विकसित जमीन का व्यावसायिक या आवासीय उपयोग कर सकेंगे। चाहें तो उसे बेचकर आय अर्जित कर सकते हैं या स्वयं डेवलपर के रूप में उसका विकास कर सकते हैं।
मौजूदा व्यवस्था से कैसे अलग होगा मॉडल?
वर्तमान में भूमि अधिग्रहण के बदले भू-स्वामियों को मुआवजा या TDR/TOD प्रमाणपत्र देने का प्रावधान है। प्रस्तावित 50-50 लैंड पूलिंग मॉडल लागू होने पर यह जमीन अधिग्रहण का एक नया विकल्प बन सकता है।
कई अहम परियोजनाएं भूमि अधिग्रहण से प्रभावित
भूमि अधिग्रहण पूरा नहीं होने से भोपाल की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की रफ्तार प्रभावित हुई है। इनमें प्रमुख रूप से—
आशिमा ब्रिज परियोजना
फंदा क्षेत्र से जुड़े विकास कार्य
सूखी सेवनिया रेलवे ओवरब्रिज
पश्चिमी बायपास
भोपाल मेट्रो ऑरेंज लाइन
किन परियोजनाओं में चल रही है अधिग्रहण प्रक्रिया?
अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
ग्राम बरखेड़ा नाथू, तहसील हुजूर में अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के विस्तार के लिए निजी भूमि अधिग्रहण जारी है।
मेट्रो ऑरेंज लाइन
मेट्रो ऑरेंज लाइन के लिए अधिग्रहण सबसे जटिल माना जा रहा है। नजूल शहर वृत्त के 14 खसरों में स्थित कुल 4.585 हेक्टेयर निजी भूमि में से 0.7339 हेक्टेयर भूमि अर्जन के लिए घोषणा जारी की गई है।
नया औद्योगिक क्षेत्र
ग्राम पीपलनेर में प्रस्तावित बैरागढ़कला औद्योगिक क्षेत्र के लिए 24 मीटर चौड़े मार्ग के निर्माण हेतु 2.2756 हेक्टेयर निजी भूमि अधिग्रहित की जा रही है।
पश्चिमी बायपास
पश्चिमी बायपास परियोजना के लिए हुजूर तहसील के 10 गांव और कोलार तहसील के 4 गांवों की भूमि ली जा चुकी है। अब 17 और गांवों को भी इसमें शामिल किया जा रहा है। अब तक 99 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण हो चुका है।
सूखी सेवनिया रेलवे ओवरब्रिज
चोपड़ाकला, तहसील हुजूर में भोपाल बायपास मार्ग पर बनने वाली सूखी सेवनिया रेलवे ओवरब्रिज की रिटेनिंग वॉल के लिए भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है।
आशिमा मॉल रेलवे ओवरब्रिज
बावड़िया कला चौराहा से आशिमा मॉल तक प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज के लिए भी जमीन ली जा रही है।
टेम मध्यम सिंचाई परियोजना
टेम मध्यम सिंचाई परियोजना के डूब क्षेत्र से प्रभावित ग्राम मजीदगढ़, तहसील बैरसिया में 13.407 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता बताई गई है।
प्रशासन ने क्या कहा?
एडीएम प्रकाश नायक के अनुसार, विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसके लिए शासन के निर्धारित नियमों का पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लैंड पूलिंग और TDR जैसे विकल्पों पर प्रशासनिक टीम काम कर रही है।
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