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भोपाल में ड्रेस कोड विवाद गरमाया, लेंसकार्ट शोरूम के बाहर तिलक-कलावा कार्यक्रम का ऐलान, सोशल मीडिया से सड़कों तक पहुंचा मामला

21 अप्रैल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल में ड्रेस कोड विवाद गरमाया, लेंसकार्ट शोरूम के बाहर तिलक-कलावा कार्यक्रम का ऐलान, सोशल मीडिया से सड़कों तक पहुंचा मामला
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल के न्यू मार्केट में ड्रेस कोड को लेकर विवाद अब सड़क पर उतर आया है। सोशल मीडिया से शुरू हुआ मामला अब विरोध प्रदर्शन तक पहुंच चुका है।


न्यू मार्केट में विरोध का ऐलान, जुटेंगे कार्यकर्ता

Bhopal के रोशनपुरा स्थित न्यू मार्केट में मंगलवार को विरोध कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। हिंदू उत्सव समिति ने सुबह 11:20 बजे न्यूइन रेस्टोरेंट के पास कार्यकर्ताओं को जुटने का आह्वान किया है। इसके बाद शोरूम के बाहर तिलक-कलावा कार्यक्रम किया जाएगा, जिससे विवाद और तेज होने की संभावना है।


तिलक-कलावा कार्यक्रम से जताया जाएगा विरोध

समिति के अध्यक्ष Chandrashekhar Tiwari के अनुसार, कार्यकर्ता कर्मचारियों को तिलक लगाएंगे और कलावा बांधेंगे। कार्यक्रम के दौरान मंत्रोच्चार भी किया जाएगा और अधिक से अधिक लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की गई है। इससे यह मुद्दा अब सिर्फ ऑनलाइन बहस तक सीमित नहीं रहा।


ड्रेस कोड को लेकर कैसे शुरू हुआ विवाद

विवाद तब शुरू हुआ जब Lenskart का एक कथित ड्रेस कोड डॉक्यूमेंट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें दावा किया गया कि कर्मचारियों को बिंदी, तिलक और कलावा पहनने से रोका गया है, जबकि हिजाब और पगड़ी को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी गई है। इसी असमानता को लेकर सवाल उठने लगे।


सोशल मीडिया पर तेज हुई बहस

एक्टिविस्ट Shefali Vaidya ने इस डॉक्यूमेंट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए कंपनी से सवाल किया। उन्होंने पूछा कि अगर हिजाब की अनुमति है, तो बिंदी और कलावा पर रोक क्यों? इसके बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।


वायरल ‘ग्रूमिंग गाइड’ में क्या था दावा

सोशल मीडिया पर शेयर किए गए ‘ग्रूमिंग गाइड’ में कहा गया कि महिला कर्मचारियों को बिंदी या क्लचर लगाने की अनुमति नहीं है। इसके साथ ही कलावा या रिस्ट बैंड पहनने पर भी रोक की बात सामने आई। वहीं दूसरी ओर, हिजाब और पगड़ी को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दिए जाने का जिक्र था, जिससे विवाद और गहरा गया।


कंपनी का जवाब: सभी धर्मों का सम्मान

विवाद बढ़ने के बाद कंपनी के फाउंडर Piyush Bansal ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि कंपनी सभी धर्मों का सम्मान करती है और कर्मचारियों को अपने विश्वास के प्रतीक पहनने की अनुमति है। हालांकि, इस बयान के बावजूद विवाद थमता नजर नहीं आ रहा।

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