
भोपाल। राजधानी भोपाल में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत अब गंभीर रूप लेती जा रही है। सप्लाई बढ़ाने के दावे के बावजूद हालात नहीं सुधरे हैं। सबसे ज्यादा असर अब शादी सीजन और होटल कारोबार पर दिखने लगा है—और आगे चुनौती और बढ़ सकती है।
सप्लाई बढ़ी, लेकिन ज़मीन पर राहत नहीं
केंद्र सरकार ने कमर्शियल सिलेंडर का कोटा करीब 70% तक बढ़ाने का फैसला लिया, लेकिन भोपाल में सप्लाई अभी भी केवल 50% तक सीमित है। यानी कागजों में राहत, लेकिन हकीकत में कमी बरकरार है—और यही असली चिंता की वजह बन रही है। होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को अब मजबूरी में दूसरे विकल्प तलाशने पड़ रहे हैं। इससे लागत भी बढ़ रही है और सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं—जो सीधे ग्राहकों पर असर डाल सकता है।
शादी सीजन से पहले बढ़ी टेंशन
15 अप्रैल से शादी का सीजन शुरू हो रहा है और इसी के साथ मांग में भारी उछाल तय है। टेंट एसोसिएशन के मुताबिक प्रदेश में रोजाना 25,000 से 30,000 शादियां होंगी, जिनके लिए करीब 2.5 लाख कमर्शियल सिलेंडरों की जरूरत पड़ेगी। अगर सप्लाई ऐसे ही सीमित रही, तो शादी समारोहों में खाना बनाने से लेकर कैटरिंग तक पर असर पड़ सकता है। यानी आने वाले दिनों में यह संकट और गहरा सकता है—और तैयारियों पर भी असर डाल सकता है।
घरेलू उपभोक्ता भी परेशान
सिर्फ कमर्शियल ही नहीं, घरेलू गैस उपभोक्ता भी इस संकट से जूझ रहे हैं। बुकिंग के बाद सिलेंडर मिलने में 5 से 10 दिन तक का इंतजार करना पड़ रहा है, जो सामान्य समय से कहीं ज्यादा है। अधिक बुकिंग और सीमित सप्लाई ने हालात को और जटिल बना दिया है। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि अगले 10 दिनों में स्थिति सामान्य हो सकती है—लेकिन फिलहाल लोगों की परेशानी कम नहीं हुई है।
गैस बुकिंग के नाम पर बढ़ी ठगी
इस संकट के बीच साइबर ठगी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। राज्य साइबर पुलिस के पास अब तक 30 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं, जहां लोगों को फर्जी लिंक और ऑफर के जरिए निशाना बनाया गया। ठग ‘अर्जेंट बुकिंग’, ‘लिमिटेड स्टॉक’ और ‘डिस्काउंट’ जैसे लालच देकर पैसे ट्रांसफर करा रहे हैं। ऐसे में सतर्क रहना बेहद जरूरी है, क्योंकि संकट के समय ही ठगी के मामले सबसे ज्यादा बढ़ते हैं।
सावधानी के जरूरी कदम:
- केवल ऑफिशियल ऐप या डिस्ट्रीब्यूटर से बुकिंग करें
पेमेंट से पहले पूरी जानकारी जांचें
- संदिग्ध लिंक या मैसेज तुरंत ब्लॉक करें
- OTP या बैंक डिटेल किसी से साझा न करें
- शक होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करें
प्रशासन का दावा है कि सप्लाई सुधारने के प्रयास जारी हैं और अगले 10 दिनों में हालात सामान्य हो सकते हैं।
लेकिन असली चुनौती शादी सीजन की बढ़ती मांग को संभालना होगी। अगर सप्लाई समय पर नहीं बढ़ी, तो यह संकट सिर्फ असुविधा नहीं बल्कि बड़े आर्थिक नुकसान में बदल सकता है।
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