
भोपाल। दिवाली से पहले भोपाल में घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने से हजारों परिवारों की परेशानी बढ़ गई है। शहर के करीब 50 हजार उपभोक्ताओं को बुकिंग कराने के बाद भी समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। कोलार और ऐशबाग में स्थिति ज्यादा गंभीर है। नर्मदापुरम रोड, संतनगर, गांधीनगर, भेल और अशोका गार्डन से भी उपभोक्ता गैस एजेंसियों की ओर से देरी की शिकायत कर रहे हैं।
कोलार में 20 हजार उपभोक्ताओं की आपूर्ति प्रभावित
कोलार क्षेत्र में करीब 20 हजार उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध कराने वाली एजेंसी ने आपूर्ति जारी रखने में असमर्थता जताई है। ऐशबाग में भी उपभोक्ताओं को इसी तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कोलार में इस संकट की एक बड़ी वजह खाद्य आपूर्ति विभाग की छापामार कार्रवाई मानी जा रही है। 27 अक्टूबर को टीम ने गैस की हेराफेरी की आशंका में एक गाड़ी से 98 सिलेंडर जब्त किए थे। जांच के दौरान वाहन में गैस एक सिलेंडर से दूसरे सिलेंडर में ट्रांसफर करने वाली तीन मशीनें भी मिली थीं। कार्रवाई के बाद संबंधित एजेंसी ने उपभोक्ताओं के घर सिलेंडर पहुंचाना बंद कर दिया।
दो बार बुकिंग के बाद भी नहीं मिला सिलेंडर
गैस की किल्लत का असर आम परिवारों पर साफ दिखाई दे रहा है। ऐशबाग के नवीन नगर निवासी एके खान को कई दिन से सिलेंडर का इंतजार है। उन्होंने 27 अक्टूबर को पहली बार बुकिंग कराई थी। आपूर्ति नहीं होने पर 30 अक्टूबर को दोबारा बुकिंग की, लेकिन इसके बाद भी सिलेंडर नहीं मिला। अब वे लगातार एजेंसी से संपर्क कर रहे हैं। कोलार की राजहर्ष कॉलोनी में रहने वाले आरव शर्मा की परेशानी भी कुछ ऐसी ही रही। उन्होंने 27 अक्टूबर को सिलेंडर बुक कराया था, लेकिन एक सप्ताह तक डिलीवरी नहीं हुई। कई जगह शिकायत करने के बाद एजेंसी का एक कर्मचारी मोपेड से उनके घर पहुंचा और सिलेंडर की आपूर्ति की।
ई-केवायसी नहीं कराने वाले सवा लाख उपभोक्ता भी प्रभावित
गैस आपूर्ति में देरी की एक अन्य वजह उपभोक्ताओं की अधूरी ई-केवायसी भी है। खाद्य आपूर्ति विभाग के आंकड़ों के मुताबिक भोपाल में करीब 8 लाख एलपीजी उपभोक्ता हैं। इनमें से लगभग 85 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने ई-केवायसी पूरी कर ली है, जबकि शेष 15 प्रतिशत यानी करीब 1.25 लाख उपभोक्ता अभी इस प्रक्रिया से नहीं जुड़े हैं। ई-केवायसी अधूरी होने के कारण इन उपभोक्ताओं को सिलेंडर की आपूर्ति में परेशानी हो रही है।
कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से घरेलू गैस के दुरुपयोग की आशंका
दिवाली के दौरान मिठाइयों और दूसरी खाद्य सामग्री का उत्पादन बढ़ जाता है। इस वजह से व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की मांग भी बढ़ती है। महंगे कमर्शियल सिलेंडर की जगह घरेलू सिलेंडर से गैस निकालकर दूसरे सिलेंडरों में भरने और व्यावसायिक इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है। इसे भी घरेलू गैस की उपलब्धता प्रभावित होने की एक वजह माना जा रहा है। ईरान युद्ध के दौरान कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति बंद होने से इनकी कीमत बढ़कर 4,200 रुपये तक पहुंच गई थी। अब इसकी कीमत घटकर करीब 2,900 रुपये हो गई है।
दूसरी एजेंसियों के जरिए आपूर्ति बहाल करने की तैयारी
जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक सीएस जादौन के मुताबिक संबंधित कंपनी से संपर्क किया गया है। कंपनी को प्रभावित क्षेत्र के उपभोक्ताओं की आपूर्ति दूसरी गैस एजेंसियों के साथ समन्वय करके बहाल करने के लिए कहा जा रहा है। इस व्यवस्था के जरिए उन परिवारों तक सिलेंडर पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, जिन्हें मौजूदा समय में डिलीवरी नहीं मिल रही है।
भोपाल में कितनी गैस एजेंसियां और कितने उपभोक्ता?
जिले में कुल 40 गैस एजेंसियां संचालित हैं। अलग-अलग कंपनियों के उपभोक्ताओं का आंकड़ा इस प्रकार है:
इंडेन: 26 एजेंसियां और 4 लाख उपभोक्ता।
एचपी गैस: 1.75 लाख उपभोक्ता।
बीपीसीएल: 1.35 लाख उपभोक्ता।
अन्य कंपनियां: 90 हजार उपभोक्ता।
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