
भोपाल में घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी अब बड़ी परेशानी का कारण बनती दिख रही है। कई लोगों का कहना है कि गैस सिलेंडर की बुकिंग करने के बावजूद उन्हें डिलीवरी नहीं मिल रही और कुछ मामलों में बुकिंग भी निरस्त कर दी गई।
गैस एजेंसियां इसका कारण ई-केवाईसी अधूरी होना बता रही हैं, जबकि गैस कंपनियों का कहना है कि उन्होंने केवल उपभोक्ताओं से ई-केवाईसी पूरी कराने के निर्देश दिए हैं, सिलेंडर की आपूर्ति रोकने के नहीं।
करीब 9 लाख उपभोक्ताओं में 1.35 लाख की ई-केवाईसी बाकी
डीलर्स के मुताबिक भोपाल में एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसीएल के लगभग 9 लाख घरेलू गैस उपभोक्ता हैं। इनमें से करीब 1.35 लाख उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी अब तक पूरी नहीं हुई है। इसी वजह से लगभग 15 प्रतिशत उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने की शिकायतें मिल रही हैं। इससे एजेंसियों और उपभोक्ताओं के बीच विवाद भी बढ़ रहे हैं।
उपभोक्ताओं ने साझा किए अनुभव
हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र निवासी वाहिद कुरैशी ने बताया कि उन्होंने तीन दिन पहले गैस सिलेंडर बुक कराया था। बाद में एजेंसी की ओर से ई-केवाईसी कराने के लिए फोन आया, लेकिन समय पर एजेंसी नहीं पहुंच पाने के कारण उनकी बुकिंग रद्द कर दी गई। वहीं कोलार बैरागढ़ निवासी विशाल वाधवानी का कहना है कि उनकी बुकिंग भी इसी वजह से निरस्त हुई। ई-केवाईसी पूरी कराने के बाद भी उन्हें अब तक सिलेंडर मिलने की सूचना नहीं मिली है।
एजेंसियों और कंपनियों के दावे अलग-अलग
गैस एजेंसियों का कहना है कि उन्हें कंपनियों की ओर से मौखिक निर्देश मिले हैं कि जिन उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी पूरी नहीं है, उनकी बुकिंग रद्द कर दी जाए और गैस आपूर्ति रोक दी जाए। उधर गैस कंपनियों ने इस दावे से इनकार किया है। उनका कहना है कि उपभोक्ताओं को केवल ई-केवाईसी पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं, डिलीवरी रोकने का कोई निर्देश जारी नहीं किया गया।
ई-केवाईसी क्यों कराई जा रही है
एजेंसियों के अनुसार ई-केवाईसी का उद्देश्य—
उपभोक्ता की पहचान का सत्यापन करना।
फर्जी और डुप्लीकेट गैस कनेक्शन पर रोक लगाना।
उपभोक्ता रिकॉर्ड को अपडेट रखना।
ई-केवाईसी के लिए उपभोक्ता आधार और मोबाइल नंबर के सत्यापन के साथ संबंधित गैस एजेंसी में प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। कई गैस कंपनियां अपने मोबाइल ऐप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी यह सुविधा उपलब्ध करा रही हैं।
लिखित आदेश नहीं मिलने का दावा
गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि बुकिंग रद्द करने या सिलेंडर की आपूर्ति रोकने से जुड़ा कोई लिखित आदेश उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है।
एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन इंडिया के अध्यक्ष बीएस शर्मा का आरोप है कि गैस कंपनियां मौखिक निर्देशों के जरिए एजेंसियों पर दबाव बना रही हैं। उनका कहना है कि ई-केवाईसी अनिवार्य नहीं होने के बावजूद इसकी आड़ में सिलेंडर की आपूर्ति रोकी जा रही है। उनके अनुसार भोपाल में 15 से 20 प्रतिशत उपभोक्ता इससे प्रभावित हैं और एजेंसियों पर प्रतिदिन विवाद की स्थिति बन रही है।
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