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भोपाल में नई सड़कों का बड़ा प्लान, 791 किमी नेटवर्क से 2.89 लाख पेड़ों पर खतरे का अनुमान

05 अक्टू, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल में नई सड़कों का बड़ा प्लान, 791 किमी नेटवर्क से 2.89 लाख पेड़ों पर खतरे का अनुमान
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। भोपाल के ड्राफ्ट मास्टर प्लान 2047 में प्रस्तावित 791.42 किमी सड़क नेटवर्क ने शहर की हरियाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अलग-अलग चौड़ाई वाली इन सड़कों के निर्माण और चौड़ीकरण से पर्यावरण पर संभावित असर को लेकर विशेषज्ञों और पर्यावरणविदों ने चिंता जताई है।


एनएचएआइ की हालिया सड़क परियोजना में पेड़ कटाई के आधार पर किए गए सांकेतिक आकलन में पूरे नेटवर्क के लिए करीब 2.89 लाख पेड़ों पर खतरे का अनुमान सामने आया है। हालांकि वास्तविक संख्या अंतिम सड़क रेखांकन, मौजूदा वनस्पति और भू-अधिग्रहण की जरूरत पर निर्भर करेगी।


791.42 किमी सड़क नेटवर्क में कई चौड़ाई की सड़कें

ड्राफ्ट प्लान में अलग-अलग चौड़ाई के सड़क मार्ग प्रस्तावित किए गए हैं। उपलब्ध विवरण के अनुसार नेटवर्क का प्रमुख हिस्सा इस प्रकार है:

18 मीटर: 111 सड़कें

24 मीटर: 103 सड़कें

30 मीटर: 48 सड़कें

45 मीटर: 17 सड़कें

60 मीटर: 15 सड़कें


इसके अलावा नई सड़कों के लिए भी अलग-अलग चौड़ाई प्रस्तावित है।


नई सड़कों में 75 मीटर तक चौड़ाई

प्रस्तावित नई सड़कों का ढांचा इस प्रकार दिया गया है:

9 मीटर: 2 सड़कें

12 मीटर: 4 सड़कें

15 मीटर: 2 सड़कें

70 मीटर: 4 सड़कें

75 मीटर: 6 सड़कें


यानी योजना में सड़क की चौड़ाई 9 मीटर से लेकर 75 मीटर तक रखी गई है।


16.44 किमी सड़क में कटे करीब 6 हजार पेड़

पेड़ों की संभावित संख्या का सांकेतिक अनुमान हाल में एनएचएआइ की 16.44 किमी लंबी सड़क परियोजना में हुई कटाई के आधार पर निकाला गया है। वहां करीब 6,000 पेड़ काटे गए थे।


इससे लगभग 365 पेड़ प्रति किलोमीटर की संदर्भ दर निकलती है। इसी दर को 791.42 किमी के पूरे प्रस्तावित नेटवर्क पर लागू करने पर करीब 2,88,868 पेड़ों का सांकेतिक आंकड़ा सामने आता है।


यह संख्या वास्तविक कटाई का अंतिम आंकड़ा नहीं है, बल्कि उपलब्ध एनएचएआइ संदर्भ के आधार पर किया गया अनुमान है।


पेड़ों की भरपाई पर करीब 42 करोड़ का सांकेतिक हिसाब

दिए गए वित्तीय मानक के मुताबिक एक पेड़ के लिए मुआवजा दर 1,450 रुपए है। इसी दर से 2,88,868 पेड़ों का सांकेतिक मूल्य करीब 42 करोड़ रुपए बैठता है।


प्रस्तावित सड़क नेटवर्क: 791.42 किमी

एनएचएआइ संदर्भ दर: 365 पेड़/किमी

संभावित सांकेतिक कटाई: 2,88,868 पेड़

मुआवजा दर: 1,450 रुपए/पेड़

सांकेतिक कुल मुआवजा: लगभग 42 करोड़ रुपए


सड़क मार्किंग में ओवरलैपिंग पर विशेषज्ञों की आपत्ति

मैनिट भोपाल के डिपार्टमेंट ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग के एचओडी प्रो. डॉ. कृष्ण कुमार धोटे ने प्रस्तावित सड़कों की मार्किंग को लेकर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार कुछ मार्ग पहले से 10 मीटर या 15 मीटर चौड़ाई में प्रस्तावित थे, लेकिन उनके ऊपर अतिरिक्त मार्किंग दिखाई दे रही है।


उनका कहना है कि इन मार्किंग को एक साथ देखा जाए तो कुछ जगह सड़क का गलियारा 24 मीटर से अधिक चौड़ा नजर आता है। उनके मुताबिक ऐसी ओवरलैपिंग से व्यावसायिक गतिविधियों को वैधता मिलने की आशंका पैदा हो सकती है।


अंतिम असर तय करेगा वास्तविक रेखांकन

शहरी नियोजन विशेषज्ञ डॉ. गौरव वैद्य के अनुसार केवल प्रस्तावित सड़क की चौड़ाई से पर्यावरणीय नुकसान का अंतिम आकलन नहीं किया जा सकता। इसके लिए सड़क का अंतिम रेखांकन, संबंधित हिस्से में मौजूदा वनस्पति, वास्तविक भू-अधिग्रहण और सड़क चौड़ीकरण की जरूरत देखना जरूरी होगा। इसलिए 2.89 लाख पेड़ों का आंकड़ा सांकेतिक है और इसे अंतिम वृक्ष कटाई संख्या नहीं माना जा सकता।


पर्यावरणविदों ने हरियाली को लेकर जताई चिंता

पर्यावरणविद डॉ. सुभाष सी. पांडेय और राशिद नूर ने प्रस्तावित सड़क नेटवर्क के संभावित प्रभाव पर चिंता व्यक्त की है। उनका मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई से भोपाल के पर्यावरण संतुलन पर असर पड़ सकता है।


शहर में पहले भी बायपास और अलग-अलग सड़क परियोजनाओं के लिए हजारों पेड़ काटे जाने का उल्लेख किया गया है। इसी पृष्ठभूमि में मास्टर प्लान के प्रस्तावित सड़क नेटवर्क को लेकर हरियाली संरक्षण का मुद्दा महत्वपूर्ण बन गया है।


विशेषज्ञों के सामने दो प्रमुख सवाल

प्रस्ताव से जुड़े विशेषज्ञों की चिंताओं का केंद्र मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर है:

सड़क की अंतिम मार्किंग और वास्तविक चौड़ाई क्या होगी?

प्रस्तावित मार्गों पर मौजूद पेड़ों और वनस्पति पर वास्तविक प्रभाव कितना पड़ेगा?

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