
भोपाल। राजधानी भोपाल के लंबे समय से प्रतीक्षित विकास का नया खाका अब सामने आ गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को भोपाल विकास योजना-2047 के ड्राफ्ट का प्रकाशन किया। करीब दो दशक बाद सामने आए इस नए प्लान में शहर के भविष्य के विस्तार के साथ यातायात, रोजगार, निवेश, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं। ड्राफ्ट पर अब नागरिकों से आपत्तियां, सुझाव और दावे आमंत्रित किए जाएंगे।
इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश केसवानी ने भोपाल मास्टर प्लान-2047 का ड्राफ्ट जारी होने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बधाई दी है। उन्होंने इसे राजधानी के सुनियोजित, संतुलित और भविष्यगामी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश केसवानी ने कहा कि भोपाल मास्टर प्लान-2047 का ड्राफ्ट जारी होना राजधानी के सुनियोजित, संतुलित और भविष्यगामी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।
यह आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश की मजबूत आधारशिला
केसवानी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भोपाल को आधुनिक सुविधाओं, बेहतर कनेक्टिविटी, रोजगार, निवेश और पर्यावरणीय संतुलन के साथ विकसित करने का विजन सामने आया है। उनके मुताबिक यह केवल एक मास्टर प्लान नहीं है, बल्कि विकसित और आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश की मजबूत आधारशिला है।
‘आज का दिन भोपाल के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा’
डॉ. केसवानी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को विजनरी नेतृत्व वाला बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में मुख्यमंत्री लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान में किए गए प्रावधान मध्य प्रदेश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।
उन्होंने कहा कि भोपाल मास्टर प्लान-2047 आने वाली पीढ़ियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकास की नई दिशा तय करेगा। उनके अनुसार आज का दिन भोपाल के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा और आने वाली पीढ़ियां इस दूरदर्शी पहल के परिणामों को महसूस करेंगी। केसवानी ने कहा कि भोपाल के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में मास्टर प्लान-2047 एक नई शुरुआत है।
1016.90 वर्ग किमी क्षेत्र में तैयार किया गया प्लान
भोपाल विकास योजना-2047 का प्रस्तावित प्लानिंग एरिया करीब 1016.90 वर्ग किलोमीटर रखा गया है। इसमें 254 गांवों को शामिल किया गया है और लगभग 45 लाख की अनुमानित आबादी को ध्यान में रखकर योजना तैयार की गई है। विकास योग्य प्रस्तावित क्षेत्रफल करीब 61,017 हेक्टेयर बताया गया है।
नए प्लान में भोपाल के विकास को केवल मौजूदा शहर की सीमाओं तक सीमित रखने के बजाय भविष्य की आबादी और आर्थिक गतिविधियों के अनुरूप विस्तार देने की कोशिश की गई है।
51 किमी का ग्रोथ कॉरिडोर, रोजगार और निवेश पर जोर
मास्टर प्लान की प्रमुख अवधारणाओं में करीब 51 किलोमीटर लंबे ग्रोथ कॉरिडोर का प्रस्ताव शामिल है। इसके लिए लगभग 3000 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई है। यह कॉरिडोर एजुकेशन-नॉलेज-आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिटी, एयरपोर्ट, प्रस्तावित सीएमयू, लॉजिस्टिक एवं थोक व्यापार क्षेत्र और विभिन्न उपनगरों को जोड़ने की परिकल्पना करता है।
इस कॉरिडोर में आईटी, एआई और डेटा सेंटर, होटल एवं हॉस्पिटैलिटी, स्वास्थ्य सेवाएं, लॉजिस्टिक्स, थोक व्यापार, हाइपरमार्केट, मॉल-मल्टीप्लेक्स, कॉरपोरेट ऑफिस, एजुकेशन हब और आवास जैसी रोजगार आधारित गतिविधियों के लिए मिश्रित उपयोग का प्रस्ताव है।
हरित क्षेत्र को 27 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रस्ताव
मास्टर प्लान में भोपाल की प्राकृतिक पहचान को संरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया है। ड्राफ्ट में हरित क्षेत्र को मौजूदा करीब 16 प्रतिशत से बढ़ाकर लगभग 27 प्रतिशत करने का प्रस्ताव बताया गया है। भोजताल और उसके जलग्रहण क्षेत्र के साथ पहाड़ियों, वन क्षेत्रों, तालाबों, जलाशयों और बाघ भ्रमण क्षेत्रों के संरक्षण को योजना में महत्व दिया गया है।
इसके साथ ही हरित टीडीआर जैसी व्यवस्था का प्रस्ताव भी रखा गया है, जिसका उद्देश्य हरित क्षेत्र में आने वाली भूमि के स्वामियों के हितों को ध्यान में रखते हुए विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाना है।
ट्रैफिक और पार्किंग के लिए नए प्रावधान
शहर में बढ़ती यातायात और पार्किंग की समस्या को देखते हुए मास्टर प्लान में मल्टीलेवल पार्किंग, मैकेनाइज्ड पार्किंग, सामुदायिक खुले क्षेत्रों के नीचे पार्किंग तथा आरओबी और फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग जैसी व्यवस्थाओं के प्रस्ताव शामिल किए गए हैं।
ग्रोथ कॉरिडोर में सार्वजनिक परिवहन के लिए बीआरटीएस कॉरिडोर का प्रस्ताव है, जिसे भविष्य में एमआरटीएस में अपग्रेड किए जाने की संभावना रखी गई है। क्षेत्रीय मार्गों को भी नए कॉरिडोर से जोड़कर भोपाल और आसपास के क्षेत्रों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करने की योजना है।
डिजिटल ट्विन सिटी का भी प्रस्ताव
मास्टर प्लान में शहरी विकास की निगरानी को तकनीक से जोड़ने के लिए डिजिटल ट्विन सिटी की व्यवस्था का प्रस्ताव भी खास है। इसके जरिए शहर में होने वाले विकास, अनधिकृत निर्माण और मोबिलिटी से जुड़ी समस्याओं की रियल टाइम निगरानी और बेहतर प्रबंधन की परिकल्पना की गई है।
वहीं, शहर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर निजी सीसीटीवी कैमरों की नेटवर्किंग और सार्वजनिक भवनों की बाउंड्री वॉल को पारदर्शी रखने जैसे प्रावधान भी प्रस्तावित किए गए हैं।
जनता की आपत्तियों और सुझावों के बाद आगे बढ़ेगा प्लान
ड्राफ्ट के प्रकाशन के बाद अब नागरिकों, संस्थाओं और संबंधित पक्षों से आपत्तियां एवं सुझाव लिए जाएंगे। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत इन सुझावों पर विचार किया जाएगा। इसलिए फिलहाल यह ड्राफ्ट है; इसे अंतिम मास्टर प्लान मानना उचित नहीं होगा।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

