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भोपाल मास्टर प्लान का ड्राफ्ट सोमवार देर रात तक संभव, 12 से 24 मीटर सड़क तक सीमित कारोबार का प्रस्ताव

26 सित, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल मास्टर प्लान का ड्राफ्ट सोमवार देर रात तक संभव, 12 से 24 मीटर सड़क तक सीमित कारोबार का प्रस्ताव
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के करीब दो दशक पुराने मास्टर प्लान के स्थान पर नया ड्राफ्ट सोमवार देर रात तक सार्वजनिक किए जाने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंजूरी के बाद टीएंडसीपी में इसकी प्रक्रिया तेज हुई है।


विजन 2047 को आधार बनाकर तैयार किए गए प्रस्ताव में शहर के लैंड यूज से लेकर कमर्शियल गतिविधियों तक के नियम सड़क की चौड़ाई के अनुसार तय करने की तैयारी है। ड्राफ्ट जारी होने के बाद आम लोगों से दावे-आपत्तियां भी मांगी जाएंगी।


12 मीटर से ज्यादा चौड़ी सड़कों पर मिक्स्ड लैंड यूज

नए प्रस्ताव में भोपाल के लिए आवासीय और व्यावसायिक उपयोग को अलग-अलग रखने की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव का प्रावधान है। शहर में मिक्स्ड लैंड यूज को सड़क की चौड़ाई से जोड़ा गया है।

  • 12 से 24 मीटर चौड़ी सड़क: सीमित कमर्शियल गतिविधियों की अनुमति।

  • 24 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़क: कारोबारी गतिविधियों की पूरी अनुमति।

मुख्य सड़कों पर आवासीय बंगले और शोरूम एक साथ हो सकेंगे।


कॉलोनियों के भीतर कारोबार पर रोक

ड्राफ्ट के प्रस्तावों में रहवासी कॉलोनियों के अंदर व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति नहीं देने की बात है। यानी कमर्शियल इस्तेमाल के लिए सड़क की चौड़ाई और संबंधित लैंड यूज नियम महत्वपूर्ण होंगे।


24 मीटर सड़क पर हाईराइज निर्माण का प्रावधान

24 मीटर से अधिक चौड़ी सड़कों के आसपास निर्माण को लेकर भी प्रस्ताव में अहम व्यवस्था रखी गई है। यहां अतिरिक्त FAR खरीदकर अनलिमिटेड निर्माण और हाईराइज की संभावना होगी।


2005 के बाद अब नए प्लान का इंतजार

भोपाल का पिछला मास्टर प्लान 2005 में आया था। इसके बाद शहर के विस्तार को लेकर अलग-अलग तदर्थ नीतियां लागू होती रहीं और सीलिंग जैसी दंडात्मक कार्रवाइयों का भी सामना करना पड़ा। विशेषज्ञों के अनुसार मास्टर प्लान की प्रक्रिया नियमों के मुताबिक नियमित अंतराल पर होनी चाहिए। उनका कहना है कि नया प्लान 10 साल में तैयार और हर 5 साल में रिव्यू किया जाना चाहिए।


भूमि विकास नियम 2026 से भी जुड़ा मामला

प्रदेश में नए भूमि विकास नियम-2026 तैयार करने की प्रक्रिया भी चल रही है। नगर योजनाकारों का सुझाव है कि मास्टर प्लान जारी होने से पहले इन नियमों को अधिसूचित किया जाए।


दूसरा विकल्प यह हो सकता है कि मास्टर प्लान के ड्राफ्ट में ही नए नियमों के स्वतः लागू होने का स्पष्ट प्रावधान रखा जाए, जिससे आगे शहर के नियोजित विकास में नियमों को लेकर टकराव न हो।


ड्राफ्ट जारी होते ही जनता दे सकेगी आपत्ति

मास्टर प्लान का ड्राफ्ट गजट नोटिफिकेशन के जरिए सार्वजनिक किए जाने की संभावना है। इसके बाद नागरिकों को प्रस्तावों पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा।

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