
भोपाल मेट्रो में सफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब यात्रियों को काउंटर पर खड़े होकर टिकट लेने की टेंशन से छुटकारा मिलने वाला है। राजधानी की मेट्रो में जल्द ही दिल्ली मेट्रो जैसा आधुनिक ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम शुरू किया जाएगा, जिससे टिकट खरीदने से लेकर एंट्री-एग्जिट तक सब कुछ स्मार्ट और आसान हो जाएगा।
दिल्ली मेट्रो संभालेगी भोपाल की टिकटिंग व्यवस्था
भोपाल मेट्रो के लिए यह ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) उपलब्ध कराएगा। पहले यह जिम्मेदारी तुर्की की एक कंपनी को दी गई थी, लेकिन भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया हालात और तुर्की द्वारा पाकिस्तान को ड्रोन देने के बाद देशभर में तुर्की कंपनियों से जुड़े कई प्रोजेक्ट बंद कर दिए गए। इसी फैसले के तहत भोपाल मेट्रो की टिकटिंग व्यवस्था अब दिल्ली मेट्रो के भरोसे होगी।
20 दिसंबर से चल रही है मैन्युअल टिकटिंग
20 दिसंबर से भोपाल मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू हो चुका है, लेकिन फिलहाल यात्रियों को मैन्युअल टिकट दिए जा रहे हैं। जैसे ही DMRC का ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम लागू होगा, यात्रियों को स्मार्ट कार्ड, QR कोड टिकट और भविष्य में अन्य डिजिटल पेमेंट विकल्प मिलने लगेंगे।
MD बोले- सिस्टम होगा ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद
भोपाल मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के एमडी चैतन्य कृष्णा के मुताबिक, दिल्ली मेट्रो के अनुभव से सिस्टम की विश्वसनीयता और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित होंगी। यह पूरी तरह डिजिटल व्यवस्था होगी, जिसमें रिचार्जेबल स्मार्ट कार्ड और ऑटोमेटेड गेट के जरिए स्टेशन में प्रवेश और निकास किया जा सकेगा।
यात्री घटे, चार दिन में आंकड़ा पहुंचा 1800 पर
भोपाल मेट्रो में शुरुआती उत्साह के बाद यात्रियों की संख्या तेजी से घटी है। 21 दिसंबर को पहले दिन करीब 6000 यात्री पहुंचे थे। अगले दिन यह संख्या घटकर 3000 रह गई। बुधवार को यह आंकड़ा गिरकर सिर्फ 1800 यात्री रह गया, जो पहले दिन की तुलना में लगभग 30 फीसदी है। इंदौर मेट्रो में भी ऐसा ही ट्रेंड देखा गया था, जहां शुरुआती दिनों में फ्री राइड और भारी छूट देकर यात्रियों को जोड़ा गया था। भोपाल में भी अब यात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए ऐसे उपायों पर विचार किया जा सकता है।
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