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Bhopal Metro: पहले दिन जोश, दूसरे दिन ब्रेक! यात्रियों की संख्या आधी, 75 मिनट का इंतजार बना बड़ी वजह

23 दिस, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
Bhopal Metro: पहले दिन जोश, दूसरे दिन ब्रेक! यात्रियों की संख्या आधी, 75 मिनट का इंतजार बना बड़ी वजह

Bhopal Metro: पहले दिन जोश, दूसरे दिन ब्रेक! यात्रियों की संख्या आधी, 75 मिनट का इंतजार बना बड़ी वजह

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल मेट्रो की शुरुआत के साथ शहरवासियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला था, लेकिन यह जोश ज्यादा दिनों तक कायम नहीं रह सका। सोमवार को मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में साफ गिरावट दर्ज की गई, जिसने व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए।


यात्रियों की संख्या में आई बड़ी गिरावट

रविवार को भोपाल मेट्रो में 6000 से ज्यादा यात्रियों ने सफर किया था, लेकिन सोमवार को यह संख्या घटकर करीब 3000 रह गई। यानी एक ही दिन में यात्रियों की संख्या लगभग आधी हो गई।


ऑरेंज लाइन के 8 स्टेशनों पर चल रही मेट्रो

भोपाल मेट्रो सुभाष नगर से चलकर केंद्रीय विद्यालय, बोर्ड ऑफिस, एमपी नगर, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, डीआरएम ऑफिस, अलकापुरी होते हुए एम्स तक जाती है। फिलहाल ऑरेंज लाइन के आठ स्टेशनों के बीच मेट्रो का संचालन किया जा रहा है।


पहले दो दिन में 89 हजार का राजस्व

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले दो दिनों में भोपाल मेट्रो को करीब 89 हजार रुपये का राजस्व मिला है। किराए की बात करें तो पहले दो स्टेशन के लिए 20 रुपये, तीन से पांच स्टेशनों के लिए 30 रुपये और छह से आठ स्टेशनों के लिए 40 रुपये किराया तय किया गया है।


75 मिनट का वेटिंग टाइम बना सबसे बड़ी समस्या

मेट्रो में सफर करने के लिए यात्रियों को स्टेशन पर लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। ट्रेन की फ्रीक्वेंसी कम होने के कारण यात्रियों को करीब 75 मिनट तक इंतजार करना पड़ रहा है।


एक ही ट्रैक पर मेट्रो संचालन

इस लंबी वेटिंग का सबसे बड़ा कारण मेट्रो का एक ही ट्रैक पर संचालन है। फिलहाल डाउन ट्रैक यानी सुभाष नगर से एम्स तक ही मेट्रो चल रही है। सुभाष नगर से एम्स और एम्स से सुभाष नगर दोनों दिशाओं में एक ही ट्रैक का इस्तेमाल किया जा रहा है। अप ट्रैक यानी एम्स से सुभाष नगर की सुविधा अभी शुरू नहीं हुई है।


मेट्रो में नियमों की सख्ती

भोपाल मेट्रो में यात्रा के दौरान नियमों का उल्लंघन करने पर मेट्रो रेलवे (परिचालन और अनुरक्षण) अधिनियम 2002 के तहत जुर्माने का प्रावधान है। बेवजह इमरजेंसी बटन दबाने पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं मेट्रो ट्रेन या स्टेशन परिसर में थूकते पाए जाने पर 200 रुपये से लेकर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना तय किया गया है।

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