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भोपाल मेट्रो का भारी फ्रेम आंधी में झुका, 11 केवी लाइन टूटी, सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

08 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल मेट्रो का भारी फ्रेम आंधी में झुका, 11 केवी लाइन टूटी, सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। राजधानी भोपाल में शनिवार देर रात आए तेज आंधी-तूफान ने मेट्रो परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए। करोंद चौराहे पर निर्माणाधीन मेट्रो का एक विशाल स्टील फ्रेम हवा के दबाव से झुक गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि घटना देर रात हुई, इसलिए कोई जनहानि नहीं हुई। लेकिन इस घटना ने निर्माण स्थल की सुरक्षा तैयारियों पर बहस छेड़ दी है।


रात 2:30 बजे हुआ हादसा, बिजली लाइन भी क्षतिग्रस्त

जानकारी के मुताबिक घटना शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब 2:30 बजे हुई। तेज हवा के दबाव के चलते निर्माणाधीन फ्रेम एक तरफ झुक गया। फ्रेम की चपेट में आने से पास से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद पूरे इलाके में एहतियात के तौर पर बिजली सप्लाई बंद करनी पड़ी।


ट्रैफिक डायवर्ट, रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, बिजली कंपनी और मेट्रो प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। सुरक्षा को देखते हुए करोंद चौराहे पर यातायात को अस्थायी रूप से डायवर्ट किया गया। इसके बाद क्रेन और भारी मशीनों की मदद से राहत कार्य शुरू किया गया, जो पूरी रात चलता रहा।


10 घंटे बाद दोबारा सीधा किया गया फ्रेम

अधिकारियों के अनुसार करीब 10 घंटे की मशक्कत के बाद रविवार दोपहर तक झुके हुए फ्रेम को फिर से सीधा कर दिया गया। इसके बाद धीरे-धीरे बिजली आपूर्ति बहाल की गई और ट्रैफिक को भी सामान्य किया गया। हालांकि स्थानीय लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।


पहले भी विवादों में रहा है यह निर्माण स्थल

करोंद चौराहे पर मेट्रो निर्माण कार्य पहले भी चर्चा में रह चुका है। इसी स्थान पर निर्माण के दौरान शहीद भगत सिंह की प्रतिमा को नुकसान पहुंचने का मामला सामने आया था। अब ताजा घटना के बाद एक बार फिर परियोजना की निगरानी और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।


क्यों झुक गया स्टील फ्रेम?

मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और पूरे मामले की तकनीकी जांच कराई जाएगी। जांच में यह देखा जाएगा कि फ्रेम के झुकने की वजह केवल तेज हवा थी या फिर निर्माण और सुरक्षा मानकों में किसी तरह की कमी भी रही।


विशेषज्ञों के मुताबिक तीन कारण हो सकते हैं जिम्मेदार

विंड लोड का असर

तेज आंधी के दौरान ऊंचे स्टील ढांचे पर हवा का दबाव सामान्य से कई गुना बढ़ जाता है। यदि हवा की दिशा और गति अचानक बदल जाए तो संरचना पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।


ओवरटर्निंग इफेक्ट

जब तेज हवा किसी ऊंचे फ्रेम पर लगातार दबाव बनाती है तो ढांचा एक तरफ झुकने लगता है। यदि एंकरिंग या अस्थायी सपोर्ट पर्याप्त मजबूत न हो तो खतरा बढ़ जाता है।


स्लेंडरनेस इफेक्ट

लंबे और पतले स्टील फ्रेम में पर्याप्त ब्रैसिंग या सपोर्ट न होने पर तेज हवा के दौरान उसके मुड़ने या झुकने की संभावना अधिक रहती है। इंजीनियरिंग भाषा में इसे स्लेंडरनेस इफेक्ट कहा जाता है।


जांच रिपोर्ट पर टिकी नजरें

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह केवल प्राकृतिक परिस्थितियों का असर था या निर्माण प्रक्रिया में कहीं कोई चूक हुई।

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