
भोपाल। महिला आरक्षण बिल पास न होने के बाद सियासत अब सड़क पर उतर आई है। भोपाल में आज नारी आक्रोश रैली हो रही है, जिसमें 30 हजार महिलाओं के जुटने का दावा किया गया है।
लोकसभा में क्यों अटका महिला आरक्षण बिल?
17 अप्रैल को लोकसभा में पेश 131वां संविधान संशोधन बिल जरूरी बहुमत हासिल नहीं कर सका। इसमें लोकसभा सीटें 543 से बढ़ाकर 816 करने और महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रस्ताव था। बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 352 वोट की जरूरत थी—यहीं पर पूरा मामला अटक गया…
भोपाल में बड़ा शक्ति प्रदर्शन
राजधानी के एमवीएम कॉलेज ग्राउंड में सुबह 11 बजे से रैली शुरू हो रही है। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और कई महिला मंत्री शामिल होंगी। रैली को बीजेपी का बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमाने की संभावना है।
“बेटियां अब कानून बनाएंगी”—सरकार का संदेश
महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि अब सोच बदल चुकी है। उनके मुताबिक, पहले बेटियों को घर तक सीमित रखा जाता था, लेकिन अब वे डॉक्टर, इंजीनियर, IAS-IPS बनने के साथ संसद तक पहुंचने का सपना देख रही हैं। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि इस बिल को रोककर महिलाओं की उम्मीदों को झटका दिया गया है।
ट्रैफिक पर बड़ा असर, ये रास्ते बदलेंगे
रैली के चलते भोपाल में ट्रैफिक पुलिस ने बड़ा डायवर्जन प्लान लागू किया है। रायसेन, विदिशा, सीहोर, राजगढ़ समेत कई जिलों से आने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग रूट तय किए गए हैं, जिनका अंतिम पार्किंग पॉइंट लाल परेड ग्राउंड रहेगा। यानी अगर आप शहर में निकल रहे हैं, तो रूट की जानकारी पहले से होना जरूरी है।
पार्किंग के लिए खास इंतजाम
प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए अलग-अलग पार्किंग प्लान बनाया है:
सीहोर के वाहन: रवींद्र भवन
राजगढ़ के वाहन: एमएलए रेस्ट हाउस
अन्य जिलों के वाहन: लाल परेड ग्राउंड
मीडिया वाहन: पुलिस कमिश्नर कार्यालय
यह व्यवस्था ट्रैफिक जाम से बचाने के लिए की गई है…
शहर में चलने से पहले ये सलाह जरूरी
रेलवे स्टेशन, वीआईपी रोड और पुराने शहर की तरफ जाने वाले लोगों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं। प्रशासन ने अपील की है कि लोग भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचें और बताए गए रूट का ही इस्तेमाल करें।
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