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भोपाल नवाबी संपत्ति पर EOW जांच तेज, सैफ अली खान समेत परिवार से 1370 एकड़ जमीन के दस्तावेज तलब

14 अग, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल नवाबी संपत्ति पर EOW जांच तेज, सैफ अली खान समेत परिवार से 1370 एकड़ जमीन के दस्तावेज तलब
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल की करीब 1370 एकड़ जमीन से जुड़े नवाबी संपत्ति विवाद में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने जांच आगे बढ़ाई है। अभिनेता सैफ अली खान और नवाब परिवार से जुड़े अन्य नाम भी जांच के दायरे में हैं।


प्रधानमंत्री कार्यालय और EOW महानिदेशक को भेजी गई शिकायत पर EOW भोपाल ने समाजसेवी अमिताभ अग्निहोत्री को पूछताछ और साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए बुलाया। अग्निहोत्री ने अपने अधिवक्ता प्रशांत पांडे के साथ DSP EOW को लिखित साक्ष्य और दस्तावेज सौंपे हैं।


कोहेफिजा से हलालपुर तक संपत्ति का विवाद

भोपाल के कोहेफिजा, नयापुरा और हलालपुर क्षेत्रों में नवाबी संपत्तियों के स्वामित्व और रिकॉर्ड को लेकर कानूनी विवाद चल रहा है। मामले की जांच की मांग राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय तक की जा चुकी है। शिकायत में नवाब परिवार के कई सदस्यों के नाम शामिल किए गए हैं। इनमें सैफ अली खान, सोहा अली खान, सबा अली खान और शर्मिला टैगोर के नाम भी हैं। शिकायत के अनुसार, सैफ अली खान ने पहले हाईकोर्ट में भोपाल की 1370 एकड़ जमीन को नवाब की संभावित व्यक्तिगत संपत्ति के तौर पर दर्शाया था। आवेदन में संबंधित संपत्तियों का स्टेटस स्पष्ट करने के लिए जांच कमेटी की भूमिका की मांग की गई है।


आफताब जहां बेगम की जमीन की बिक्री पर सवाल

मामले में नवाब हमीदुल्लाह खान की दूसरी पत्नी आफताब जहां बेगम, जिन्हें शिकायत में पाकिस्तानी नागरिक बताया गया है, के नाम दर्ज जमीनों की बिक्री भी जांच का विषय है। 31 मई 1994 को बेहटा क्षेत्र की 30.55 एकड़ जमीन एक सहकारी गृहनिर्माण संस्था को 30.55 लाख रुपये में बेचे जाने का उल्लेख शिकायत में है। सौदे के समय 1.55 लाख रुपये चेक से दिए गए थे, जबकि बाकी 29 लाख रुपये चार किस्तों में देने का अनुबंध था। वर्ष 1959 के राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार बेहटा में आफताब जहां बेगम के नाम लगभग 655 एकड़ और बोरबन क्षेत्र में करीब 102 एकड़ भूमि दर्ज थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शत्रु संपत्ति अधिनियम लागू होने के बावजूद पाकिस्तान निवासी होने की जानकारी छिपाकर करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन का लेन-देन किया गया।


पाकिस्तान जाने के बाद शत्रु संपत्ति का मुद्दा

मामले में नवाब हमीदुल्लाह खान की बड़ी बेटी के पाकिस्तान चले जाने का तथ्य भी जोड़ा गया है। शिकायत के अनुसार, इसके बाद उनके नाम दर्ज जमीन-जायदाद को शत्रु संपत्ति घोषित किए जाने का मुद्दा सामने आया और इसी से मौजूदा विवाद जुड़ा है।


1949 के दस्तावेज सैफ परिवार से मांगे

EOW जांच में पटौदी परिवार से पुराने मूल रिकॉर्ड हासिल करने की मांग भी शामिल है। शिकायत में सैफ अली खान और शर्मिला टैगोर से इन दस्तावेजों की मूल प्रतियां लेने की बात कही गई है:

- 29 अप्रैल 1949 को बीपी मेनन के हस्ताक्षर वाला नक्शा।

- 30 अप्रैल 1949 का ‘मर्जर एग्रीमेंट’।

- 1 जून 1949 से पहले तैयार की गई संपत्तियों की सूची।


इन रिकॉर्ड से नवाबी संपत्तियों की वास्तविक स्थिति और उनके स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों की जांच करने की मांग की गई है।


2556 गांवों की जमीन का रिकॉर्ड भी जांच में

शिकायत में पूर्व भोपाल रियासत के 2,556 गांवों में नवाब परिवार के नाम दर्ज जमीनों की पड़ताल करने की मांग की गई है। पूर्व प्रमुख सचिव की रिपोर्ट में मर्जर एग्रीमेंट के तहत 1395 एकड़ जमीन दर्ज होने का उल्लेख है। इसके बावजूद 9 गांवों में 1984.13 एकड़ अतिरिक्त जमीन नवाब परिवार के नाम दर्ज होने का सवाल उठाया गया है। इस अतिरिक्त भूमि के रिकॉर्ड के साथ उसकी खरीद-बिक्री की भी जांच प्रस्तावित है।


शत्रु संपत्ति दर्ज करने के आदेशों की भी पड़ताल

जांच में कस्टोडियन विभाग मुंबई और भोपाल कलेक्टर से जुड़े पुराने आदेशों पर हुई कार्रवाई को भी शामिल करने की मांग है। शिकायत के मुताबिक, 2021 में कस्टोडियन विभाग मुंबई और 2022 में भोपाल कलेक्टर ने नवाब की संपत्तियों को ‘शत्रु संपत्ति’ के तौर पर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। इन आदेशों के बाद पिछले चार वर्षों में क्या कार्रवाई हुई, इसकी भी जांच की मांग की गई है।


मामले में EOW के सामने अब शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत किए जा चुके हैं, जबकि सैफ अली खान से मांगे गए पुराने मूल दस्तावेज भी जांच के प्रमुख बिंदुओं में शामिल हैं।

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