
भोपाल। राजधानी भोपाल में प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए बड़ा झटका तैयार है। 1 अप्रैल से सरकारी रेट बढ़ने जा रहे हैं, इसलिए लोग आखिरी दिन पुरानी कीमत पर रजिस्ट्री कराने के लिए टूट पड़े हैं। रजिस्ट्रार ऑफिस में सुबह से ही भारी भीड़ देखने को मिली।
रजिस्ट्री ऑफिस में दिनभर लगी भीड़
राजधानी के ISBT, परी बाजार और बैरसिया स्थित रजिस्ट्रार दफ्तरों में सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें लग गईं। अनुमान है कि एक ही दिन में 400 से ज्यादा रजिस्ट्रियां हो सकती हैं। लोगों ने पहले से स्लॉट बुक कर रखे थे और शुभ मुहूर्त में पहुंचकर प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं—यही वजह है कि भीड़ लगातार बढ़ती गई।
740 लोकेशन पर बढ़ेंगे प्रॉपर्टी रेट
इस बार कुल 2177 लोकेशन में से 740 जगहों पर कलेक्टर गाइडलाइन बढ़ाई जा रही है। यानी इन इलाकों में जमीन और मकान खरीदना अब सीधे महंगा पड़ेगा। सरकार का कहना है कि नई दरें बाजार के हिसाब से तय की गई हैं, लेकिन खरीदारों के लिए यह बड़ा आर्थिक दबाव बन सकता है।
कुछ इलाकों में रिकॉर्ड 181% तक बढ़ोतरी
कई क्षेत्रों में रेट बढ़ोतरी चौंकाने वाली है। निर्मल सिटी, निशातपुरा रोड, मुर्गी बाजार और समर ग्रीन जैसे इलाकों में कीमतें 181% तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा न्यू मार्केट, रोशनपुरा, वीआईपी रोड, कोलार रोड, मिसरोद और एयरपोर्ट क्षेत्र में भी रेट बढ़ेंगे—यानी शहर के प्रमुख इलाकों में खरीदारी और महंगी हो जाएगी।
भौंरी में उल्टा ट्रेंड, 58% तक घटाने का प्रस्ताव
जहां एक तरफ रेट बढ़ रहे हैं, वहीं भौंरी क्षेत्र में गाइडलाइन 58% तक कम करने का प्रस्ताव सामने आया है। यह फैसला इसलिए चर्चा में है क्योंकि इसी इलाके में 3700 एकड़ में AI और नॉलेज सिटी विकसित करने की योजना है। किसानों ने इस पर आपत्ति भी जताई है, जिससे मामला और दिलचस्प हो गया है।
लगातार दूसरे साल बढ़े रेट
भोपाल में यह लगातार दूसरा साल है जब गाइडलाइन बढ़ाई जा रही है। इससे पहले भी 1312 लोकेशन पर औसतन 11% बढ़ोतरी की गई थी। अब नए बदलाव के बाद रियल एस्टेट बाजार में हलचल तेज हो गई है—और सवाल यही है कि क्या आगे कीमतें और चढ़ेंगी?
अब आगे क्या करें खरीदार?
नई गाइडलाइन लागू होते ही प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो जाएगा। ऐसे में जो लोग आज रजिस्ट्री नहीं करा पाए, उन्हें ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है। आने वाले दिनों में बाजार की चाल क्या होगी—यह देखने वाली बात होगी, लेकिन फिलहाल खरीदारों की जेब पर सीधा असर तय है।
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