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ट्रेन में टिकट चेकिंग के दौरान अब कैमरे में रिकॉर्ड होगी हर बातचीत, भोपाल मंडल ने 56 कैमरों का दिया ऑर्डर

15 अक्टू, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
ट्रेन में टिकट चेकिंग के दौरान अब कैमरे में रिकॉर्ड होगी हर बातचीत, भोपाल मंडल ने 56 कैमरों का दिया ऑर्डर
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

टिकट चेकिंग के दौरान यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों के बीच होने वाले विवादों की जांच के लिए पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल ने नई व्यवस्था की तैयारी की है। मंडल ने टिकट चेकिंग स्टाफ के लिए 56 बॉडी वियरिंग कैमरों का ऑर्डर दिया है, जिनका इस्तेमाल अगले 2 से 3 महीने में शुरू करने की योजना है।


शुरुआत शान-ए-भोपाल और वंदे भारत जैसी प्रमुख ट्रेनों से होगी। कैमरों में चेकिंग के दौरान कर्मचारी और यात्री के बीच हुई बातचीत रिकॉर्ड होगी, जिससे शिकायतों की पड़ताल और घटनाक्रम की पुष्टि करने में मदद मिल सकेगी।


शान-ए-भोपाल और वंदे भारत से होगी शुरुआत

भोपाल मंडल पहले चरण में महत्वपूर्ण ट्रेनों में कैमरे लगाने की तैयारी कर रहा है। इस सूची में शान-ए-भोपाल, वंदे भारत और भोपाल से शुरू होने वाली या मंडल से गुजरने वाली अन्य प्रमुख ट्रेनें शामिल होंगी।


आगे चलकर इस व्यवस्था का दायरा बढ़ाने की योजना है। इसके तहत अधिक से अधिक ट्रेनों में टिकट चेकिंग करने वाले कर्मचारियों को कैमरे उपलब्ध कराए जाएंगे।


बिना टिकट यात्रा के मामलों में विवाद की होगी रिकॉर्डिंग

टिकट चेकिंग कर्मचारी यात्रियों के सीधे संपर्क में रहते हैं। बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान कई बार बहस या विवाद की स्थिति बन जाती है।


ऐसे मामलों में कुछ यात्री कर्मचारियों पर परेशान करने या उनकी बात नहीं सुनने के आरोप लगाते हैं। शिकायत मिलने पर रेलवे को संबंधित घटना की जांच करनी पड़ती है और वास्तविक घटनाक्रम का पता लगाने में समय लगता है।


रेल मदद की शिकायतों की जांच में मिलेगी मदद

रेल मदद के जरिए प्राप्त शिकायतों का मंडल स्तर पर विश्लेषण किया जाता है। बॉडी वियरिंग कैमरों की रिकॉर्डिंग उपलब्ध होने पर अधिकारियों को यह समझने में मदद मिलेगी कि विवाद के समय क्या हुआ और उसमें यात्री तथा कर्मचारी की क्या भूमिका थी।


भोपाल रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया के अनुसार, पिछले दो साल से इन कैमरों की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अब इन्हें उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


300 से 320 कर्मचारियों तक पहुंचाने की तैयारी

भोपाल मंडल में टिकट चेकिंग स्टाफ की संख्या करीब 300 से 320 है। पहले चरण में 56 कैमरे उपलब्ध होंगे, जबकि बाकी कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से इस व्यवस्था में शामिल करने की तैयारी है।


रेलवे बुकिंग और रिजर्वेशन काउंटरों पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी बॉडी वियरिंग कैमरे उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर विचार कर रहा है।


यात्रियों और कर्मचारियों, दोनों के लिए क्या बदलेगा?

इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल शिकायतों का निपटारा करना नहीं है। रेलवे टिकट चेकिंग की प्रक्रिया में जवाबदेही बढ़ाने और यात्रियों के साथ कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने पर भी जोर दे रहा है।


बॉडी वियरिंग कैमरों से संभावित फायदे इस प्रकार हैं:

- शिकायतों की जांच: रिकॉर्डिंग के आधार पर घटना की पुष्टि करना आसान हो सकता है।

- दोनों पक्षों की सुरक्षा: यात्री और कर्मचारी, दोनों की बात समझने में मदद मिलेगी।

- विवादों का समाधान: बिना टिकट यात्रा पर कार्रवाई के दौरान हुए विवादों की पड़ताल में सहायता मिलेगी।

- पारदर्शिता: टिकट चेकिंग की कार्यप्रणाली में जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

- समय की बचत: घटनाक्रम की पुष्टि के लिए जांच में लगने वाला समय कम हो सकता है।


कैमरों की शुरुआत के बाद भोपाल मंडल में टिकट चेकिंग के दौरान होने वाली घटनाओं का रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित होगी। पहले चरण में सीमित कैमरों से शुरुआत होगी, जिसके बाद दूसरे कर्मचारियों तक इसका विस्तार करने की योजना है।

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