
भोपाल। राजधानी भोपाल के सूरज नगर में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के बाद आरोपी केयरटेकर वरुण कुमार के फरार होने का रास्ता CCTV और तकनीकी जांच से सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, वह रात में घर से निकला, पैदल भदभदा पहुंचा और ऑटो से रेलवे स्टेशन गया।
हत्या के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए चार राज्यों में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की दर्जनभर टीमें लगाई हैं। जांच अब उसके ट्रेन रूट, पुराने रिकॉर्ड, नौकरी दिलाने वाली एजेंसी और हत्या के संभावित आर्थिक कारणों पर केंद्रित है।
रात में हुई हत्या, घर में आग लगाने की भी कोशिश
पुलिस के अनुसार 30 सितंबर की रात राकेश अग्रवाल अपने कमरे में सो रहे थे। इसी दौरान रात 12:30 से 2:00 बजे के बीच धारदार हथियार से उनका गला रेत दिया गया।
वारदात के बाद रसोई में लगे गैस सिलेंडर का पाइप निकाला गया। पुलिस इसे घर में आग लगाने और सबूत मिटाने के प्रयास के तौर पर जांच रही है।
पत्नी का कमरा बाहर से था बंद
राकेश अग्रवाल की पत्नी निशी अग्रवाल अपने कमरे में थीं। उनका कमरा बाहर से बंद मिला। सुबह करीब 4:40 बजे नींद खुलने के बाद दरवाजा लॉक होने का पता चला। घर के कर्मचारी अमर की मदद से दरवाजा खोला गया, जिसके बाद हत्या की जानकारी सामने आई।
2:40 बजे घर से निकला, CCTV में बैग के साथ दिखा
तकनीकी जांच और CCTV फुटेज से पुलिस को आरोपी की गतिविधियों की कड़ी मिली है।
करीब 2:40 बजे आरोपी घर से बाहर निकला।
घटनास्थल से लगभग 200 मीटर दूर लगे कैमरों में उसके हाथ में पिट्ठू बैग और झोला दिखाई दिया।
वह करीब 2 किलोमीटर पैदल चलकर भदभदा चौराहे पहुंचा।
वहां से ऑटो लेकर पॉलीटेक्निक चौराहा और कमला पार्क होते हुए रेलवे स्टेशन की तरफ गया।
भोपाल जंक्शन पर बदला प्लेटफॉर्म, फिर ट्रेन पकड़ी
आरोपी स्टेशन से कुछ दूरी पहले ऑटो से उतर गया और पैदल भोपाल जंक्शन पहुंचा। CCTV के अनुसार वह प्लेटफॉर्म नंबर 6 से होकर प्लेटफॉर्म नंबर 2 तक गया। करीब 3:30 बजे उसने दिल्ली लाइन की ट्रेन पकड़ी और भोपाल से बाहर निकल गया। अब पुलिस झांसी, ग्वालियर और आगरा रूट के अलग-अलग स्टेशनों के CCTV फुटेज की जांच कर रही है।
चार राज्यों में आरोपी की तलाश
वरुण कुमार को पकड़ने के लिए पुलिस ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पंजाब में टीमें भेजी हैं। कुल 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी इस तलाश में लगाए गए हैं। जांच एजेंसियां आरोपी के संभावित संपर्कों और ट्रेन से आगे की गतिविधियों का भी पता लगा रही हैं।
नौकरी दिलाने वाली एजेंसी भी जांच के दायरे में
पुलिस की जांच में पता चला है कि वरुण कुमार को वर्मा होम हेल्थ केयर, बाग सेवनिया, विश्वकर्मा नगर के माध्यम से नौकरी मिली थी। अब पुलिस यह पता कर रही है कि नौकरी देने से पहले एजेंसी ने आरोपी का अनिवार्य पुलिस वेरिफिकेशन कराया था या नहीं। नियमों का उल्लंघन मिलने पर एजेंसी संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
पटियाला से जारी चरित्र प्रमाण पत्र की भी जांच
जांच के दौरान आरोपी का पंजाब के पटियाला एसपी कार्यालय से जारी चरित्र प्रमाण पत्र भी मिला है। यह प्रमाण पत्र 1 मई 2025 का है। पुलिस ने पंजाब पुलिस से आरोपी के पुराने रिकॉर्ड और उसके बैकग्राउंड से जुड़ी जानकारी मांगी है।
लूट और पैसों के लेन-देन पर भी पुलिस की नजर
पुलिस को संदेह है कि आरोपी घर से नकदी और कीमती सामान लेकर भागा हो सकता है। इसी के साथ राकेश अग्रवाल के कुछ लोगों के साथ हुए आर्थिक लेन-देन से संबंधित जानकारी भी जांच में सामने आई है।
पुलिस इन दोनों पहलुओं के साथ आरोपी के संपर्कों को जोड़कर हत्या के पीछे की वजह तलाश रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही मामले में हत्या के वास्तविक कारण की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
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